राजधानी में पकड़े जा रहे कम नशेड़ी

राजधानी में पकड़े जा रहे कम नशेड़ीgaonconnection

लखनऊ। राजधानी में विभिन्न मादक पदार्थों के सेवन करने वाले लोगों की गिरफ्तारी कम संख्या में हो पा रही है। विगत चार वर्षों से लगातार नशाा करने वाले वाले और बेचने वालों के खिलाफ की गई कार्रवाई में 50 प्रतिशत से भी ज्यादा अंतर पुलिस के आंकड़ों में दर्ज हुआ है। इसकी पुष्टि पुलिस विभाग अपने आंकड़ों से कर रहा है।

वर्ष 2012 में ही पुलिस की कार्रवाई में दो सौ से ज्यादा नशेड़ी पकड़े गये। इसके बाद पुलिस 150 का भी आंकड़ा पार नहीं कर पाई। राजधानी के समस्त थानों द्वारा की गई कार्रवाई के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2012 में जहां 247 मादक पदार्थ बेचने वाले पकड़े गए, वहीं वर्ष 2013 में यह संख्या घटकर 125 तक सिमट गई जबकि वर्ष 2014 की हालत तो बद से बदतर है। इस वर्ष पुलिस सैकड़ा भी नहीं पार कर पाई जिसका नतीजा यह हुआ कि मात्र 92 नशेड़ी व तस्कर पकड़े गए।

हालांकि यह आंकड़ा वर्ष 2015 में बढ़ा है लेकिन नाम मात्र का। सिर्फ 120 लोगों पर कार्रवाई हुई है। इस संदर्भ में एसएसपी मंजिल सैनी के सीयूजी मोबाइल नम्बर पर कॉल कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई लेकिन उनका फोन पीआरओ विनोद कुमार मिश्रा ने रिसीव किया। पीआरओ ने बताया कि मैडम मीटिंग में है। बात नहीं हो सकती है।  

इन थाना क्षेत्रों में नहीं बिका मादक पदार्थ

राजधानी के कई थाना क्षेत्रों में मादक पदार्थ विगत कई वर्षों से नहीं बिका। इसकी गवाही पुलिस स्वयं दे रही है। मलिहाबाद, इटौंजा, मानकनगर, गौतमपल्ली थाना क्षेत्रों में एक भी तस्कर नहीं पकड़े गए। 

यहां से आता है ड्रग्स, यहां होती है सप्लाई

राजधानी में मादक पदार्थ बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव के रास्ते आते हैं। राजधानी के कैसरबाग, अमीनाबाद, ठाकुरगंज, नाका, हुसैनगंज, गाजीपुर, वजीरगंज, चौक, आलमबाग, कैंट, गौतमपल्ली सहित कई थाना क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी बड़े ही जोर-शोर से होती है जबकि कार्रवाई के नाम पर अधिकतर मामलों में पुलिस मोटी रकम लेकर उनको छोड़ देती है। 

रिपोर्टर - गणेश जी वर्मा 

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top