किसानों के धरना स्थल से बिजली-पानी हटाने पर दीपेंद्र हुड्डा ने उठाए सवाल, कहा- 72 दिन में 194 किसानों की जान गई, ज्योतिरादित्य सिंधिया का पलटवार

किसान आंदोलन के मुद्दे पर हरियाणा से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने राज्यसभा में सरकार पर हमला बोला, उन्होंने बिजली,पानी की सुविधा हटाने और सड़क पर कीले लगवाने पर सवाल किए। इससे पहले बीजेपी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कृषि कानूनों को लेकर को सरकार का बचाव और कांग्रेस से सवाल किए

राज्य सभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान चर्चा करते हुए हरियाणा से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, "4 फरवरी को किसान आंदोलन का 72वां दिन है। सारी सर्दी और बारिश के बावजूद किसान आंदोलन में शामिल हैं। बेनतीजा बातचीत के 11 राउंड बात हुई है। टिकरी बॉर्डर पर पहली ट्रैक्टर ट्राली से तक आखिरी ट्राली तक 4-5 लेन तक 17 किलोमीटर लंबा धरना, सिंघु बॉर्डर पर 21 किलोमीटर लंबा है। कई लाख लोग इन धरना स्थलों पर विश्वास लिए बैठे हैं। पिछले दिनों इन धरना स्थलों से 194 लोगों के शव अपने अपने गांव लौटे हैं। लेकिन सरकार के मुंह से संवेदना का एक शब्द नहीं निकला।"

उन्होंने आगे कहा कि हरियाणा में मुख्यमंत्री (मनोहर लाल खट्टर) अपने गृह क्षेत्र और डिप्टी सीएम (दुष्यंत चौटाला) अपने क्षेत्र में कार्यक्रम नहीं कर पा रहे। टिकरी और सिंघू बॉर्डर पर जो धरने चल रहे हैं वो मेरे गृह क्षेत्र से हैं मैं इन ट्रैक्टर ट्रालियों में होकर आया हूं। अध्यादेश के रुप में कानून आने के बाद पंजाब-हरियाणा में आंदोलन शुरु हुए तो उन्हें दबाने की कोशिश हुई। 6 महीने कुछ न होने पर किसान दिल्ली की तरफ चले। लेकिन जैसे ही ये किसान हरियाणा की सीमा में आए। हरियाणा की सरकार हमलावार हो गई। लेकिन ये वहीं खून है जो देश की सीमा पर दुश्मन की गोली से पीछे नहीं हटता वो यहां पानी की बौछार और आंसू गैस के गोलों से कैसे पीछे हटते।"

उन्होंने आगे कहा कि 25 नवंबर को दिल्ली की सीमा पर पहुंचे तो देश की राजधानी की सीमाएं सील कर दी गई। बेनतीजा बातचीत के दौर हुए। 11वें दौर में किसान नेता पांच घंटे तक बैठे रहे। 26 जनवरी को जो लालकिले पर हो असहनीय है। जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। किसान संगठनों ने 26 जनवरी की घटना की जांच की मांग की।

दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने किसान को हुडदंगी, दंगाई, आदि बताने पर उन्होंने कहा, "ढाई महीने ये बैठे हैं, सभापति महोदय आप आसपास के किसी थाने में पता करा लीजिए इन किसानों ने किसी रेहड़ी वाले से एक मूंगफली तक मुफ्त में ली हो। हिंसा तो दूर की बात है। इनकी बात पर विश्वास करिए।"

उन्होंने कहा कि किसान राजगद्दी लेने नहीं आए हैं। वो एमएसपी बचाने की लड़ाई लड़ रहा है।एपपीएमी व्यवस्था को बचाने के लिए लड़ाई लड़ रहा है। किसान उस उपभोक्ता को बचाने की लड़ाई लड़ रहा है जो जमाखोरी की छूट देने वाले आवश्यक वस्तु अधिनियम में बदलाव की लड़ाई लड रहा है। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि अपनी प्रजा की बात मानने से किसी सरकार की हार नहीं होती। सरकार तीन कानून वापस लें।

कांग्रेस के मेनोफेस्टो, एपीएमसी को शरद 2010-11 में लिखी गई तत्कालीन कृषि मंत्री की चिट्टी को लेकर सिंधिया ने कांग्रेस को घेरा


इससे पहले मध्य प्रदेश से बीजेपी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कोरोना के खिलाफ सरकार की लड़ाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की गिनाया और कृषि कानूनों की जरुरत और खूबियां गिनाईं। उन्होंने इस दौरान कांग्रेस से कई सवाल भी किए।

एमपी से बीजेपी सांसद ज्योतिरादित्य एम सिंधिया ने कहा, "हमारी सरकार तीन कृषि कानून लेकर आई ताकि खेती के क्षेत्र में नया विकास और नई प्रगति हो। किसान की आय दोगुनी, किसान को स्वतंत्रता मिले कि वो पूरे देश में अपनी फसल बेच पाए। 11 बार सरकार ने संवाद किया है, जब डेडलॉक हुआ तो सरकार ने कहा कि 18 महीने तक कानून स्थगित रखने का प्रस्ताव दिया।"

उन्होंने अपने भाषण में कांग्रेस और पूर्व की यूपीए सरकार पर सवाल उठाए और सवाल पूछे। ज्योतिरादित्य एम सिंधिया ने कहा, "जिन लोगों ने ऐसे ही कानून की वकालत की थी, वो आज क्या कह रहे हैं। 2019 का कांग्रेस का चुनाव घोषणा पत्र पढ़े तो इसमें लिखा है, कांग्रेस कृषि उपज मंडी कांग्रेस विल रिपील द एग्रीकल्चर प्रॉडयूस मार्केटिंग कमेटीज एक्ट एड मेक ट्रेड इन एग्रीकल्चरल प्रॉडयूस इनक्लूडिंग एक्सपोर्ट एंड इंटरस्टेट फ्री, फ्री मतलब। उस वक्त के हमारे कृषि मंत्री शरद पवार ने 2010 और 2011 में उन्होंने सभी मुख्यमंत्री को चिट्टी लिखी थी। जिसमें उन्होंने निजी क्षेत्र का निवेश अनिवार्य है, इसलिए ऐसी स्थितियों में एपीपीएमसी एक्ट में बदलाव जरुरी है।"

बीजेपी सांसद ने सदन में कहा कि "हमें ये जुबान बदलने की आदत बंद करनी होगी। ये चट भी मेरा पट भी मेरा कब तक चलेगा देश के साथ खिलवाड़ कब तक चलेगा। जो आपने पहले कहा था उसपर अड़िग रहे।"

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