बिहार में रतौंधी से बचाने के लिए 1.64 करोड़ बच्चों को मिलेगी विटामिन ए की खुराक

बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण में सुधार के लिए पूरे प्रदेश में 9 माह से 5 साल तक के बच्चों को 17 जुलाई से 20 जुलाई तक विटामिन ए वितरण अभियान की शुरुआत की जाएगी

Chandrakant MishraChandrakant Mishra   28 Jun 2019 7:19 AM GMT

बिहार में रतौंधी से बचाने के लिए 1.64 करोड़ बच्चों को मिलेगी विटामिन ए की खुराकप्रतीकात्मक तस्वीर साभार: इंटरनेट

पटना। बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण में सुधार के लिए पूरे प्रदेश में 9 माह से 5 साल तक के बच्चों को छह माही विटामिन ए की खुराक दी जाएगी। इसके लिए 17 जुलाई से 20 जुलाई तक विटामिन ए वितरण अभियान की शुरुआत की जाएगी। इसको लेकर कार्यपालक निदेशक राज्य स्वास्थ्य समिति मनोज कुमार ने जिलाधिकारी एवं सिविल सर्जन को पत्र लिखकर अभियान के कार्यान्वयन के विषय में विस्तार से जानकारी दी है।

अभियान के अंतर्गत राज्य भर में लगभग 1.64 करोड़ बच्चों को विटामिन ए की ख़ुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम के बेहतर क्रियान्वयन के लिए ग्राम एवं शहरी क्षेत्र का माइक्रोप्लान बनाया जाएगा। इसकी सहायता से आशा/आंगनवाड़ी के कार्यक्षेत्र के अंतर्गत सभी टोला एवं वार्ड को चिन्हित किया जाएगा। इससे आशा कार्यकर्ता को अपने क्षेत्र की 9 माह से 5 साल तक के कुल लक्षित बच्चों की संख्या ज्ञात हो पाएगी एवं शत-प्रतिशत बच्चों को ख़ुराक पिलाने में मदद मिलेगी।

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इसके लिए जिला प्रतिरक्षण अधिकारी जिले का माइक्रोप्लान बनवाने एवं इसकी समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गयी है। साथ ही जिला प्रतिरक्षण अधिकारी को आंगनवाड़ी केंद्र, गाँव, स्वास्थ्य उप-केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के अंतर्गत तैयार माइक्रोप्लान में लक्षित बच्चों के सम्पूर्ण विवरण को शामिल कराने की भी ज़िम्मेदारी दी गयी है।


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बक्सर के जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. राजकिशोर सिंह ने बताया, " विटामिन ए की शत-प्रतिशत ख़ुराक बच्चों को पिलाने के लिए आशा एवं आंगनवाड़ी के द्वारा शहर एवं गाँव के प्रत्येक घर को चिन्हित किया जाएगा। आंगनवाड़ी केन्द्रों के अलावा और भी दवा वितरण केंद्र बनाए जाएंगे। शहर में परिसीमा स्पष्ट नहीं होने के कारण बगल में केंद्र के रहने पर भी बच्चे दवा केंद्र तक नहीं पहुँच पाते हैं, लेकिन इस बार इस कमी को दूर करते हुए आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया है कि हर उस क्षेत्र में अतिरिक्त केंद्र बनाया जाये जहाँ परिसीमा स्पष्ट नहीं होने के कारण बच्चे इस खुराक से वंचित हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि विटामिन ए बच्चों के आँखों के लिए जरुरी होता है। इसकी कमी से बच्चों में रतौंधी रोग होता है जिसमें बच्चों को रात में दिखाई देना बंद हो जाता है। इसके अलावा इसकी कमी से संक्रमण में वृद्धि एवं त्वचा का रूखापन भी शामिल है।


विटामिन ए की कमी से होने वाले रोग

- त्वचा संबंधी बीमारियां

- बाल गिरने की समस्या

- नाखून कमजोर हो जाते हैं

- दांत कमजोर हो जाते हैं

- रतौंधी की समस्या

- आंख के सफेद हिस्से में धब्बे

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मुजफ्फरपुर जिला के सिविल सर्जन डॉ. एसपी सिंह ने बतया," विटामिन ए बच्चों के लिए काफी जरूरी होता है खासकर आंखों के लिए। बिटामिन ए की कमी से बच्चों में रतौंधी के साथ-साथ कई बीमारी हो जाती हैं। रतौंधी से बच्चों को रात में दिखाई नहीं देता है। वहीं इसकी कमी से संक्रमण में वृद्धि एवं त्वचा का रुखापन भी शामिल है।"

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घर-घर जाकर भी पिलाई जाएगी दवा

आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा 18 से 20 जुलाई के बीच माइक्रोप्लान के अनुरूप गाँव के प्रत्येक घर में जाकर 9 माह से 5 साल तक के बच्चों को विटामिन ए की ख़ुराक पिलाई जाएगी। जबकि 17 जुलाई को स्वास्थ्य उपकेंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर एएनएम आशाओं के साथ मिलकर लक्षित बच्चों को विटामिन ए की ख़ुराक पिलाएंगी एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों पर आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों को ख़ुराक पिलाई जाएगी।

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