मध्य प्रदेश के देवास में पहली बार घोड़ी चढ़ा दलित दूल्हा

मध्य प्रदेश के देवास जिले के सोनकच्छ तहसील के एनाबाद गांव से एक मामला निकल कर सामने आया है जो एक सभ्य समाज का कभी भी उदहारण नहीं हो सकता है। ताजा मामला मामला यह है कि एनाबाद गांव के दलित युवक भगवान सिंह को अपनी बारात का जुलूस निकालने के लिए पुलिस की सहायता मांगनी पड़ी।

रश्मि पुष्पेन्द्र वैद्य, कम्युनिटी जर्नलिस्ट

मध्य प्रदेश(देवास)।मध्य प्रदेश के देवास के एनाबाद गांव में पहली बार किसी दलित दूल्हे की बारात की जुलूस निकाली गई। बारात के दौरान प्रशासन की ओर से भारी पुलिस बल की भी तैनाती की गई। इससे पहले पिछले महीनें की 16 मई को एनाबाद गांव के ही एक दलित युवक की बारात के बाद दबंगों ने गांव के सभी दलितों का हुक्का पानी बंद कर दिया था। 4 दिनों तक गांव के दलितों को ये सजा भुगतने को मजबूर होना पड़ा था। जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार की अनहोनी न हो इस वजह से पुलिस ने सावधानी बरतते हुए बारात के जुलूस को पुलिस साये में निकलवाने का फैसला किया।

गांव के दलित अपने नेता मनोज परमार के साथ इस मुद्दे को लेकर जिला मुख्यालय में पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंचे। जहां दलितों की ओर से एडिशनल एसपी जगदीश डाबर को बारात की जुलूस की सुरक्षा के लिए ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान दलितों के नेता मनोज परमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि एऩाबाद गांव में पहली बार किसी दलित दूल्हे की बारात निकाली गई है, जिससे दलित समाज में बेहद हर्ष का माहौल है। उन्होंने देवास पुलिस प्रशासन को बिना किसी विवाद के दलित दूल्हे के बारात निकलवाने पर धन्यवाद भी दिया।

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पुलिस ने दी बारात को दी सुरक्षा

एडिशनल एसपी जगदीश डाबर ने इस मामले पर तुरंत कार्रवाई करते हुए युवक भगवान सिंह की बारात की जुलूस सुरक्षा में पुलिस बल की तैनाती की और हरसंभव मदद का भरोसा भी दिया। उन्होंने कहा दुनिया कहां से कहां पहुंच गई और अभी भी लोग जात-पात में अभी फंसे हुए हैं, ये बदलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि देश में अब स्थितियां पहले से बेहतर है, लेकिन अभी भी कई हिस्सों में जात-पात की स्थिति है। एडिशनल एसपी जगदीश डाबर ने यह भी कहा कि आने वाले समय में स्थिति कैसी भी हो पुलिस प्रशासन उस स्थिति से निपटने को तैयार है।

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