लोकसभा चुनाव के बाद यूपी कैबिनेट का छुट्टा गायों को लेकर बड़ा फैसला, क्या खत्म होगी किसानों की समस्या ?

मुख्यमंत्री योगी आदि‍त्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में गौवंश संरक्षण एवं संवर्धन कोष के लिए कॉर्पस फंड के प्रकरण को अनुमोदित किया गया है।

लोकसभा चुनाव के बाद यूपी कैबिनेट का छुट्टा गायों को लेकर बड़ा फैसला, क्या खत्म होगी किसानों की समस्या ?

लखनऊ। छुट्टा गोवंश की समस्या से किसानों को निजात दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश सरकार ने बुधवार को गो संरक्षण और गोवंश आश्रय केंद्रों के संचालन के लिए नियमावली भी तैयार की। इसके अलावा यह भी तय किया गया कि इस पर होने वाले खर्च की व्यवस्था कैसे होगी।

यूपी गो संरक्षण एवं संवर्धन कोष नियमावली 2019 पर मुहर लग गई है। इसमें गोवंश आश्रय स्थल के संचालन की नियमावली भी है। इसके लिए कार्पस फंड बनाया जाएगा। इसमें दान और चंदा, केंद्र व सरकारी विभाग के सहयोग से, मंडी परिषद की आय से दो प्रतिशत, यूपीडा के टोल से 0.5 प्रतिशत और राजस्व परिषद की आय से 1 प्रतिशत की व्यवस्था की जाएगी।

लोकसभा चुनाव 2019 के बाद पहली बार लोकभवन में बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें अन्य कई प्रस्तावों पर भी मुहर लगी।

छुट्टा गोवंश की समस्या को लेकर गांव कनेक्शन ने इस मुद्दे को बड़ी प्रमुखता से उठाया था। गाँव कनेक्शन टीम ने प्रदेश की कई गोशालाओं का निरीक्षण किया था जिसमें उनकी स्थिति खस्ताहाल निकली थी। आश्रय में न तो कोई चारे की व्यवस्था थी और न ही उनके रहने की उचित व्यवस्था। हालात इतने खराब थे कि जिंदा गायों की आंखों को कौवे-कौवे नोच-नोचकर खा रहे थे। कैबिनेट बैठक में गो-संरक्षण के लिए गए फैसले से हर जिले में गो संरक्षण केन्द्रों के निर्माण और पशुओं के प्रबंधन व संरक्षण के काम में तेजी आएगी।


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बैठक में इन फैसलों पर भी लगी मुहर

यूपी गन्ना आपूर्ति विनिमय और क्रय में बदलाव के प्रस्ताव पर लगी मुहर। कमीशन को हटाकर अंशदान शब्द रख दिया है। इससे टैक्स लाइबिलिटी बढ़ जाती थी। पिछले 2 साल में 1.67 करोड़ रुपए टैक्स में चले गए।

बैठक में मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश राज्य विश्ववि‍द्यालय अधिनियम-1973 में संशोधन के तहत विशेष रूप से अमेठी में मौजूद कॉलेजों को डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अवध विश्ववि‍द्यालय से सम्बद्ध करने का निर्णय लिया है।

अमेठी से कानपुर की दूरी करीब 250 किलोमीटर होने की वजह से लोगों को मुश्किल होती थी, लिहाजा अब अमेठी के सभी कॉलेजों को अवध विश्ववि‍द्यालय के साथ सम्बद्ध किया जाएगा, जो कि 90 किलोमीटर दूर है। मंत्रिपरिषद के एक अन्य महत्वपूर्ण नि‍र्णय के तहत राज्य सरकार अब रमाला सहकारी चीनी मिल का 100 फीसद वि‍त्तपोषण करेगी।

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पूर्व में इस मिल का संचालन 50 प्रतिशत राज्य सरकार के अनुदान और 50 फीसद बाहर से कर्ज लेकर होता था। अब राज्य सरकार इसका 100 फीसद वि‍त्तपोषण करेगी, क्योंकि रिजर्व बैंक के नियम-कायदे बदलने के कारण बाहर के बैंकों से कर्ज लेने में कठिनाई हो रही है।

मंत्रिपरिषद ने एक अन्य नि‍र्णय में गौतमबुद्ध नगर में जेवर के पास नोएडा अंतर्राष्ट्रीय ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के निर्माण के लिए हुए भूमि अधि‍ग्रहण के एवज में विस्‍थापन एवं पुनर्वास (आर एंड आर) के लिए 894 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इस परियोजना के लिए कुल 1426 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है, जिसमें से 1200 हेक्टेयर से कुछ ज्यादा भूमि निजी है। इसे भूमि अधि‍ग्रहण कानून के तहत लिया जा रहा है। इसके तहत दो तरह का मुआवजा दिया जा रहा है।

(इनपुट भाषा)


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