फोनी के अलर्ट के लिए भारतीय मौसम विभाग ने भेजे करीब 65 लाख एसएमएस, रिपोर्ट में सामने आई जानकारी

ओडिशा के तट पर इस माह के शुरू में तबाही मचाने वाले चक्रवात फोनी के बारे में ताजा जानकारियां देने के लिए पूर्वी और दक्षिणी भारत के लोगों को भारतीय मौसम विभाग ने करीब 65 लाख एसएमएस भेजे। केंद्र सरकार को भेजी गई एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

फोनी के अलर्ट के लिए भारतीय मौसम विभाग ने भेजे करीब 65 लाख एसएमएस, रिपोर्ट में सामने आई जानकारी

लखनऊ। ओडिशा के तट पर इस माह के शुरू में तबाही मचाने वाले चक्रवात फोनी के बारे में ताजा जानकारियां देने के लिए पूर्वी और दक्षिणी भारत के लोगों को भारतीय मौसम विभाग ने करीब 65 लाख एसएमएस भेजे। केंद्र सरकार को भेजी गई एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने आंध्रप्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, कर्नाटक, तमिलनाडु और पुडुचेरी के किसानों को 59 लाख से अधिक संदेश भेज कर उन्हें ऐहतियाती उपाय करने की सलाह दी थी। 59,37,365 संदेशों में से लगभग आधे संदेश ओडिशा के किसानों को भेजे गए। फोनी से सर्वाधिक तबाही ओडिशा में हुई।

स्थानीय भाषाओं में भेजे गए कुछ संदेशों में कहा गया था पशुओं और कुक्कुट पक्षियों को सुरक्षित जगहों पर रखें। फसल की कटाई का काम फिलहाल टाल दें और काटे गए फसल उत्पाद को सुरक्षित स्थान पर रखें। आंध्रप्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, कर्नाटक, तमिलनाडु और पुडुचेरी के किसानों को संदेश 26 अप्रैल से तीन मई के दौरान भेजे गए जब तूफान ने ओडिशा के तट पर दस्तक दी और बड़े पैमाने पर विनाश हुआ।

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तूफान की वजह से ओडिशा में खड़ी फसल को गहरा नुकसान हुआ और 60 से अधिक लोगों की जान चली गई। 40 लाख से अधिक किसानों ने भारतीय मौसम विभाग की ग्रामीण कृषि मौसम सेवा परियोजना के लिए अपना पंजीकरण कराया है जिसके तहत उन्हें मौसम संबंधी महत्वपूर्ण संदेश भेजे जाते हैं ताकि उन्हें आपात स्थिति में निपटने में मदद मिल सके।

चार लाख से अधिक संदेश आम लोगों को भी भेजे गए। साथ ही भारतीय मौसम विभाग ने विभि‍न्न राज्यों के आपदा प्रबंधकों को कम से कम 2,140 संदेश भेजे। राष्ट्रीय मौसम एजेंसी के कोलकाता, भुवनेश्वर और विशाखापटनम में स्थित चक्रवात चेतावनी केंद्रों ने भी विभि‍न्न पक्षों को 33,500 से अधिक संदेश भेजे। भारतीय राष्ट्रीय सामुद्रिक सूचना सेवा केंद्र ने भी मछुआरों को संदेश भेज कर उन्हें चक्रवात के बारे में सतर्क किया।

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भीषण चक्रवात और उसके प्रभाव में आने वाले स्थानों के बारे में सटीक पूर्वानुमान को लेकर भारतीय मौसम विभाग की खूब सराहना हुई है। समय रहते विभि‍न्न पक्षों की जानकारी और अलर्ट मिलने की वजह से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया, जिसके कारण कई लोगों की जान बच गई। (इनपुट- भाषा)


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