पीएम मोदी ने चमकी बुखार पर तोड़ी चुप्पी, राज्यसभा में दिए गए भाषण की दस बड़ी बातें

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी में बच्चों का चमकी बुखार से मरना हमारे लिए काफी शर्मिंदगी की बात है।

लखनऊ। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऐसे अवसर बहुत कम आते हैं जब चुनाव स्वयं जनता लड़ती है। 2019 का चुनाव दलों से परे देश की जनता लड़ रही थी। इस भाषण में प्रधानमंत्री ने पहले से अधिक जनसमर्थन और विश्वास के साथ दोबारा पीएम बनाने के लिए देश का आभार प्रकट किया। पीएम मोदी की दस बड़ी बातें-

1. पीएम ने कहा कि दशकों बाद देश ने किसी पार्टी को एक मजबूत जनादेश दिया है, एक सरकार को दोबारा फिर से लाए हैं। इसके लिए देशवासियों को मैं शुक्रिया करता हूं।

2. पीएम मोदी ने कहा कि भारत जैसे लोकतंत्र में मतदाता जागरुक हो रहा है। वह देश के लिए निर्णय लेने में अपनी सहभागिता और रूचि दिखा रहा है। यह आम चुनाव में भी साफ साफ नजर आया।

3. उन्होंने कहा कि यह चुनाव दलों से परे हटकर देश की जनता लड़ रही थी। जनता खुद सरकार के कामों की बात लोगों तक पहुंचा रही थी।

4. इतने बड़े जनादेश को कुछ लोग ये कह दें कि आप तो चुनाव जीत गए लेकिन देश चुनाव हार गया, तो इससे बड़ा भारत के लोकतंत्र और जनता का अपमान नहीं हो सकता है।

5. कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस हारी तो पूरा देश हार गया क्या? अहंकार की भी एक सीमा होती है। मीडिया को भी गाली दी गई। मीडिया बिकाऊ है क्या?

6. विपक्षी दलों ने यह तक कह दिया कि देश का किसान बिकाऊ है। दो-दो हजार रुपये की योजना के कारण किसानों के वोट खरीद लिए गए। मैं मानता हूं कि मेरे देश का किसान बिकाऊ नहीं हो सकता। ऐसी बात कहकर देश के करीब 15 करोड़ किसान परिवारों को अपमानित किया गया है।

7. लोग अपनी गलतियों को स्वीकारने की बजाय EVM पर ठीकरा फोड़ रहे हैं।

8. इस चुनाव की एक विशेषता रही कि पूरब, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण सभी कोनों बीजेपी और एनडीए को वोट मिले।

9. चमकी बुखार पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आधुनिक युग में ऐसी स्थिति हम सभी के लिए दु:खद और शर्मिंदगी की बात है। इस दु:खद स्थिति में हम राज्य के साथ मिलकर मदद पहुंचा रहे हैं। ऐसी संकट की घड़ी में हमें मिलकर लोगों को बचाना होगा। पीएम मोदी ने चमकी बुखार पर पहली बार कुछ बोले हैं। चमकी बुखार पर ना बोलने के लिए पीएम मोदी की आलोचना भी की जाती रही है।

10. वन नेशन वन पोल पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में सुधार होते रहे हैं और होते रहने चाहिए। खुले मन से इस पर चर्चा होनी चाहिए। लेकिन बिना चर्चा के ये कह देना कि हम एक देश-एक चुनाव के पक्ष में नहीं हैं, यह गलत है। ये समय की मांग है कि देश में कम से कम मतदाता सूची तो एक हो।

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