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World Cup: भारत-श्रीलंका जब भी भिड़े हैं, इतिहास बना है

भारत और श्रीलंका का मुकाबला जब भी विश्व कप में हुआ है, ऐतिहासिक हुआ है। इन मैचों में कई ऐसी कहानियां बनी हैं, जिन्हें क्रिकेट प्रेमी दशकों तक नहीं भूल पाएंगे।

Daya SagarDaya Sagar   6 July 2019 6:41 AM GMT

World Cup: भारत-श्रीलंका जब भी भिड़े हैं, इतिहास बना है

लखनऊ। भारत और श्रीलंका के बीच विश्व कप का क्रिकेट मैच। आपको क्या याद आता है? धोनी का 2011 विश्व कप फाइनल में लगाया गया विश्व विजयी छक्का या फिर 2007 में सचिन, सहवाग, द्रविड़ और कुंबले जैसे दिग्गजों के लटकते हुए चेहरे? अगर आप नब्बे के दशक के क्रिकेट प्रेमी हैं तो आपको 1996 विश्व कप के रोते हुए विनोद कांबली भी याद आ सकते हैं।

भारत और श्रीलंका का मुकाबला जब भी विश्व कप में हुआ है, तो ऐतिहासिक हुआ है। इन मैचों में कई नई और ऐतिहासिक कहानियां बनी हैं। शनिवार को भी 2019 विश्व कप में भारत का मुकाबला श्रीलंका से होना है। भारत सेमीफाइनल में पहुंच चुका है, जबकि श्रीलंका की टीम इस टूर्नामेंट में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद बाहर हो चुकी है।

विश्व कप में भारत और श्रीलंका: हेड टू हेड

भारत और श्रीलंका के बीच अब तक विश्व कप में कुल 8 मुकाबले हो चुके हैं। जिसमें श्रीलंका ने 4 और भारत ने 3 मैच जीता है, जबकि एक मुकाबला रद्द हुआ है। इस तरह से यह भारत के लिए रिकॉर्ड बराबरी करने का मामला है। भारत के उम्दा और श्रीलंका के खराब फॉर्म को देखते हुए यह कुछ मुश्किल भी नहीं लग रहा है।

1979 में भारत हारा था पहला मैच

भारत और श्रीलंका के विश्व कप मैचों की बात करें तो दोनों पड़ोसियों के बीच पहला मैच 1979 विश्व कप में खेला गया था। उस समय श्रीलंका को टेस्ट मैच खेलने का दर्जा भी नहीं प्राप्त हुआ था लेकिन फिर भी श्रीलंका ने एस. वेंकटराघवन की टीम इंडिया को 47 रनों के बड़े अंतर से मात दी थी। भारत के लिए यह विश्व कप खराब ही गया था। तीन मुकाबलों में भारतीय टीम एक भी मैच नहीं जीत पाई थी।


17 साल तक नहीं हो सका कोई मुकाबला

इसके बाद अगले दो विश्व कप तक भारत और श्रीलंका के बीच एक भी मैच नहीं हुआ। 1992 में मैच हुआ भी तो बारिश की वजह से ड्रॉ हो गया। इसके बाद 1996 में दोनों टीमें दो बार भिड़ीं। लीग मुकाबले में सचिन तेंदुलकर के शानदार शतक के बाद भी टीम को हार मिली, वहीं सेमीफाइनल मुकाबले में भी टीम इंडिया की शर्मनाक हार हुई।

1996 विश्व कप: विनोद कांबली को रोता हुआ चेहरा और कोलकाता के दर्शकों का उत्पात

सेमीफाइनल में 252 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारत की टीम ताश की पत्तों की तरह बिखर गई। भारत ने 120 रन पर ही 8 विकेट गवां दिए। इसके बाद कोलकाता के दर्शकों ने उत्पात मचाना शुरू किया और मैच को बीच में ही रोक दिया गया। विनोद कांबली उस समय 10 रन पर नाबाद थे। मैच बचाने की कोशिश कर रहे कांबली रोते हुए पवेलियन गए थे।


1999 और 2003 विश्व कप में भारत को मिली थी बड़ी जीत


खैर, इसके बाद विश्व कप में लगातार दोनों टीमों के बीच मैच होता रहा। 1999 के विश्व कप में भारत ने लंकाई टीम को 157 तो 2003 विश्व कप में 183 रन के बड़े अंतर से हराया था। 1999 के मैच में सौरव गांगुली ने तो 183 रन की वर्ल्ड रिकॉर्ड पारी खेली थी और राहुल द्रविड़ के साथ 318 रन की वर्ल्ड रिकॉर्ड साझेदारी निभाई थी। इस मैच में द्रविड़ भी 145 रन बनाए थे। वहीं 2003 के विश्व कप जीत में सचिन, नेहरा और श्रीनाथ हीरो थे।


2007 विश्व कप में लंकाई टीम ने दिया इंडियन क्रिकेट को बड़ा घाव

लेकिन 2007 के विश्व कप में श्रीलंकाई टीम ने ही भारतीय टीम को सबसे बड़ा जख्म दिया था। बांग्लादेश से हारने के बाद उम्मीद थी कि सितारों से भरी टीम इंडिया श्रीलंका को हरा देगी। लेकिन श्रीलंका ने इस मैच में भारत को 69 रन से हरा दिया था।


2011 में श्रीलंका को हराकर भारत बना था विश्व विजेता

2011 का विश्व कप फाइनल कौन ही भूला होगा। जयवर्धने के शतक और सचिन-सहवाग के जल्दी आउट होने के बाद एक समय लगा था कि भारत आसानी से यह मैच हार जाएगा लेकिन पहले गंभीर और फिर धोनी की पारियों ने टीम को विश्व विजेता बना दिया। 2015 के विश्व कप में इन दोनों टीमों को आपस में भिड़ने का मौका नहीं मिला। अब भारत के पास 2019 में 4-4 से हिसाब बराबर करने का मौका है।

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