प्रोजेक्ट गंगा हुआ शुरू, गांव-गांव पहुंचेगा हाई स्पीड इंटरनेट, 20 लाख परिवार होंगे डिजिटल नेटवर्क से कनेक्ट
Gaon Connection | Jun 09, 2026, 18:22 IST
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीण उत्तर प्रदेश में हाई स्पीड इंटरनेट पहुंचाने के लिए प्रोजेक्ट गंगा का शुभारंभ किया। परियोजना के तहत 20 लाख परिवारों को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ने, 8 से 10 हजार डिजिटल सेवा प्रदाता तैयार करने और एक लाख से अधिक रोजगार सृजित करने का लक्ष्य है। यह योजना डिजिटल शिक्षा, टेलीमेडिसिन और स्मार्ट कृषि को भी बढ़ावा देगी।
गांवों में डिजिटल क्रांति का नया अध्याय
उत्तर प्रदेश में डिजिटल क्रांति को गांवों तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को 'प्रोजेक्ट गंगा' का शुभारंभ किया। यह महत्वाकांक्षी परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में हाई स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने, डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए स्वरोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर सृजित करने का माध्यम बनेगी। सरकार का लक्ष्य इस परियोजना के जरिए प्रदेश के लगभग 20 लाख परिवारों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ना और प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से एक लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार मां गंगा अपने प्रवाह से जीवन, विकास और समृद्धि का आधार बनती है, उसी प्रकार प्रोजेक्ट गंगा उत्तर प्रदेश की डिजिटल समृद्धि का मजबूत आधार बनेगा। उन्होंने इसे प्रदेश का नया 'डिजिटल एक्सप्रेसवे' बताते हुए कहा कि यह परियोजना गांवों तक डिजिटल अवसर पहुंचाकर सामाजिक और आर्थिक बदलाव की नई इबारत लिखेगी।
प्रोजेक्ट गंगा के पहले चरण में 21 जनपदों में इसका संचालन शुरू किया गया है। इसके तहत डिजिटल सेवा प्रदाताओं (डीएसपी) का व्यापक नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जो गांवों तक फाइबर आधारित हाई स्पीड इंटरनेट सेवाएं पहुंचाएंगे। सरकार ने 8 से 10 हजार डिजिटल सेवा प्रदाता तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में इस परियोजना का विस्तार प्रदेश की सभी 57 हजार ग्राम पंचायतों और लगभग 8 हजार न्याय पंचायतों तक किया जाएगा। इससे लास्ट माइल डिजिटल कनेक्टिविटी का सपना साकार होगा और गांवों को स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज के दौर में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी बिजली, सड़क और पानी की तरह एक बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है। इंटरनेट की गति जितनी तेज होगी, विकास की रफ्तार भी उतनी ही तेज होगी। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट गंगा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में ई-ऑफिस, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी), बीसी सखी, ग्राम सचिवालय और अन्य तकनीक आधारित पहलों ने शासन और जनता के बीच की दूरी कम की है। प्रोजेक्ट गंगा इसी डिजिटल परिवर्तन की अगली कड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना भी है। इस परियोजना के माध्यम से हजारों युवाओं को डिजिटल सेवा प्रदाता के रूप में तैयार किया जाएगा, जो अपने क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का नेटवर्क विकसित करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार की 'सीएम युवा' योजना के तहत युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रोजेक्ट गंगा से जुड़े युवा भी इस सुविधा का लाभ लेकर अपना डिजिटल उद्यम स्थापित कर सकेंगे।
स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के चेयरमैन मनोज कुमार सिंह ने बताया कि प्रोजेक्ट गंगा केवल इंटरनेट कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण उत्तर प्रदेश में डिजिटल उद्यमिता का नया मॉडल है। इसके तहत स्थानीय युवाओं को डिजिटल सेवा प्रदाता के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा, टेलीमेडिसिन, ऑनलाइन कौशल प्रशिक्षण, ई-गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा, सार्वजनिक वाई-फाई, स्मार्ट कृषि और आईटी आधारित रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। चयनित युवाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता, नेटवर्क निर्माण और व्यवसाय संचालन में भी सहयोग प्रदान किया जाएगा।
हिंदुजा समूह के ग्रुप प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट अफेयर्स) सुनील कुमार चड्ढा ने कहा कि उत्तर प्रदेश इस तरह का मॉडल लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। उन्होंने बताया कि हिंदुजा समूह इस परियोजना में 'नो प्रॉफिट, नो लॉस' के सिद्धांत पर सहयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप परियोजना में महिलाओं की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी और लाभार्थियों में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी। हिंदुजा समूह की ब्रॉडबैंड इकाई वनओटीटी इंटरटेनमेंट लिमिटेड इस परियोजना में 'नॉलेज पार्टनर' और 'इम्प्लीमेंटेशन एनैबलर' की भूमिका निभाएगी।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि प्रोजेक्ट गंगा उत्तर प्रदेश के डिजिटल भविष्य की मजबूत नींव साबित होगा। यह पहल गांवों तक तकनीक और डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाकर युवाओं, किसानों, विद्यार्थियों और उद्यमियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगी तथा प्रदेश में डिजिटल क्रांति को नई गति देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार मां गंगा अपने प्रवाह से जीवन, विकास और समृद्धि का आधार बनती है, उसी प्रकार प्रोजेक्ट गंगा उत्तर प्रदेश की डिजिटल समृद्धि का मजबूत आधार बनेगा। उन्होंने इसे प्रदेश का नया 'डिजिटल एक्सप्रेसवे' बताते हुए कहा कि यह परियोजना गांवों तक डिजिटल अवसर पहुंचाकर सामाजिक और आर्थिक बदलाव की नई इबारत लिखेगी।