FSSAI: दूध का कारोबार करना है तो लेना होगा लाइसेंस
Gaon Connection | Mar 12, 2026, 15:16 IST
अब दूध बेचना या इससे जुड़ा कोई भी व्यवसाय शुरू करने के लिए एफएसएसएआई (FSSAI) से लाइसेंस लेना अनिवार्य है। यह नया नियम दूध की गुणवत्ता को बनाए रखने और इसके सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने में सहायक होगा।
दूध बिजनेस करना है तो लाइसेंस लेना ज़रूरी
अगर आप दूध बेचने या दूध का कारोबार शुरू करने की सोच रहे हैं, तो अब इसके लिए लाइसेंस लेना जरूरी होगा। खाद्य सुरक्षा नियामक Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने निर्देश दिया है कि दूध उत्पादक और दूध बेचने वाले लोगों को अपना रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस बनवाना होगा।
इस नियम का मकसद दूध की गुणवत्ता और सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। कई जगहों पर मिलावट और बिना निगरानी के दूध की बिक्री की शिकायतें आती रहती हैं। ऐसे में सरकार चाहती है कि दूध के कारोबार से जुड़े सभी लोग एक तय व्यवस्था के तहत काम करें, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और शुद्ध दूध मिल सके।
नए निर्देश के मुताबिक जो लोग डेयरी सहकारी समितियों से जुड़े नहीं हैं और स्वतंत्र रूप से दूध बेचते हैं, उन्हें FSSAI का रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस लेना होगा। इसके बिना दूध का कारोबार करना नियमों के खिलाफ माना जाएगा। नियमों के अनुसार छोटे दूध विक्रेताओं या दूधियों को भी रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। अगर किसी का सालाना कारोबार 12 लाख रुपये तक है तो उसे FSSAI का बेसिक रजिस्ट्रेशन लेना होगा। वहीं इससे ज्यादा कारोबार होने पर पूरा लाइसेंस लेना पड़ता है।
इस नियम में एक छूट भी दी गई है। छूट ये हैं कि जो दूध उत्पादक अपनी पूरी दूध सप्लाई किसी डेयरी सहकारी समिति को देते हैं और उसी के माध्यम से दूध बेचते हैं, उन्हें अलग से रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं पड़ती।
सरकार का कहना है कि इस कदम से दूध की सप्लाई चेन ज्यादा पारदर्शी होगी और मिलावट जैसी समस्याओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही इससे ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ेगा और दूध कारोबार को व्यवस्थित तरीके से चलाने में मदद मिलेगी। अगर कोई व्यक्ति दूध का कारोबार शुरू करना चाहता है, तो उसे पहले FSSAI के ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करके लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन लेना होगा। इसके बाद ही वह कानूनी रूप से दूध बेच सकता है।
इस नियम का मकसद दूध की गुणवत्ता और सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। कई जगहों पर मिलावट और बिना निगरानी के दूध की बिक्री की शिकायतें आती रहती हैं। ऐसे में सरकार चाहती है कि दूध के कारोबार से जुड़े सभी लोग एक तय व्यवस्था के तहत काम करें, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और शुद्ध दूध मिल सके।