यूपी में मौसम का कहर, आंधी-बारिश और बिजली गिरने से 56 की मौत, कई ज़िलों में भारी तबाही
Gaon Connection | May 14, 2026, 11:28 IST
उत्तर प्रदेश में बुधवार शाम आए भयंकर तूफान ने भारी तबाही मचाई। आंधी, बारिश और बिजली गिरने से राज्य में 56 लोगों की जान चली गई। कई लोग घायल हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। प्रयागराज और भदोही में सबसे अधिक मौतें दर्ज की गई हैं।
उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान और बारिश ने मचाई तबाही
उत्तर प्रदेश में बुधवार देर शाम आए तेज आंधी-तूफान, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी। राज्य के अलग-अलग जिलों में पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे धराशायी हो गए और कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। राज्य सरकार को मिली रिपोर्ट के अनुसार, इन हादसों में अब तक 56 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेमौसम बारिश, तेज तूफान और बिजली गिरने से हुई जनहानि पर दुख जताते हुए अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लेने और पीड़ित परिवारों की मदद सुनिश्चित करने को कहा है।
राज्य सरकार को मिली रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा 17 मौतें प्रयागराज में दर्ज की गई हैं। वहीं भदोही में 16 लोगों की जान गई है। इसके अलावा फतेहपुर में 9, बदायूं में 5, प्रतापगढ़ में 4, चंदौली और कुशीनगर में 2-2 तथा सोनभद्र में 1 व्यक्ति की मौत हुई है। प्रयागराज जिला प्रशासन के मुताबिक हैंडिया क्षेत्र में 7 लोगों की मौत हुई, जबकि फूलपुर में 4, सोरांव में 3, मेजा में 2 और सदर क्षेत्र में 1 व्यक्ति की जान गई। अधिकांश मौतें दीवार गिरने, पेड़ उखड़ने और बिजली गिरने की घटनाओं में हुईं।
भदोही में तेज तूफान के चलते कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ। जिला प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार आंधी के कारण पेड़ और बिजली के खंभे गिर पड़े, जिससे कई इलाकों की बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। कई मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। जिले में तूफान से जुड़े हादसों में 16 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
फतेहपुर के अपर जिलाधिकारी अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि जिले में तूफान और बारिश से जुड़े हादसों में 9 लोगों की मौत हुई है और 16 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि खागा तहसील में पांच महिलाओं समेत आठ लोगों की मौत हुई, जबकि सदर तहसील में मकान की दीवार गिरने से एक महिला की जान चली गई।
प्रतापगढ़ में तेज हवा और बारिश के बीच अलग-अलग हादसों में चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने बताया कि लालगंज कोतवाली क्षेत्र के ओझा का पुरवा गांव में सीमेंटेड शेड गिरने से 25 वर्षीय भीम यादव मलबे में दब गए और उनकी मौत हो गई। वहीं बाघराय थाना क्षेत्र के सारी स्वामी गांव में दीवार गिरने से 56 वर्षीय भूषण पांडेय की जान चली गई। इसके अलावा नरंगपुर गांव की शांति देवी और छतरपुर शिवाला रघना गांव के लाल बहादुर की भी तूफान और बारिश से जुड़े हादसों में मौत हुई है।
कानपुर देहात के रसूलाबाद क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से 19 वर्षीय युवती रुचि की मौत हो गई। बताया गया कि वह बारिश के दौरान बकरियों के साथ नीम के पेड़ के नीचे खड़ी थी, तभी बिजली गिर गई। घटना में कई बकरियों की भी मौत हो गई, जबकि पास खड़ा एक बुजुर्ग व्यक्ति घायल हो गया।
देवरिया जिले में बिजली गिरने से कोमल यादव और रामनाथ प्रसाद नाम के दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए। वहीं सोनभद्र जिले में तेज आंधी के दौरान एक पेड़ उखड़कर गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आने से 38 वर्षीय माधव सिंह की मौत हो गई।
नुकसान का सर्वे कराने के
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ बीमा कंपनियों को भी फसल और संपत्ति के नुकसान का सर्वे कर जल्द रिपोर्ट सरकार को सौंपने के आदेश दिए हैं।