साप्ताहिक अवकाश मिले तो पुलिसकर्मियों की बढ़ेगी कार्यक्षमता: राज्यपाल

साप्ताहिक अवकाश मिले तो पुलिसकर्मियों की बढ़ेगी कार्यक्षमता: राज्यपालGaon Connection

लखनऊ। 'शांति और सुरक्षा बनाए रखना और दुष्टों पर कार्रवाई करना पुलिस का प्राथमिक काम है। राज्यपाल रामनाईक ने कहा कि पुलिस कर्मियों को वक्त-वक्त पर बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक हथियार मिलने चाहिए इससे उनका काम आसान होगा और समाज में शांति होगी।' पुलिस लाइन में आयोजित रैतिक परेड की सलामी लेने के बाद राज्यपाल ने विशिष्ट सेवाओं के लिये एडीजी सुतापा सान्याल, चन्द्र प्रकाश, एडीजी एलओ दलजीत सिंह चौधरी, एडीजी सुभाष चन्द्र, एमडी कर्णधार, सैय्यद वसीम अहमद सहित अन्य पुलिस अधिकारियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक और डॉ जी के गोस्वामी, विजय भूषण, अशोक कुमार, सुनील त्यागी, महेन्द्र प्रताप सिंह और अन्य को वीरता के लिये पुलिस पदक से सम्मानित किया।

पुलिस कर्मियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा, ''पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य से समाज को आश्वस्त करें। महिलाओं को सुरक्षा का भाव देना पुलिस का लक्ष्य होना चाहिए। पुलिस थाने आने वाले लोगों की परेशानी समझकर उनकी पीड़ा दूर करें। रैतिक परेड जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर नये सिरे से संकल्प लेकर प्रदेश में शांति के वातावरण का निर्माण करें।'' राज्यपाल ने सुझाव दिया कि पुलिस सप्ताह का आयोजन 3 दिन के स्थान पर 7 दिन किया जाए तो ज्यादा से ज्यादा पुलिसकर्मी लाभांवित होंगे। उन्होंने कहा कि 'पुलिसकर्मी मानसिक दवाब में काम करते हैं।

शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए उन्हें योग और व्यायाम करना चाहिए इससे मन को शांति मिलती है। राज्यपाल ने इस अवसर पर प्रदेश की सेवा में अपना बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को नमन करते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रदेश की सरकार और जनता उनके प्रति संवेदनशील है। इस अवसर पर बेसिक शिक्षा मंत्री अहमद हसन, प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पाण्डा, पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारीगण उपस्थित थे। परेड का नेतृत्व लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश पाण्डेय ने किया। परेड में कमाण्डो, पीएसी, महिला पुलिस, सिविल पुलिस, यातायात पुलिस के दल सम्मिलित थे। 

यूपी पुलिस का हो आदर्श वाक्य

राज्यपाल ने सुझाव किया यूपी पुलिस का एक आदर्श वाक्य होना चाहिए। जिससे पुलिसकर्मी प्रेरणा ले सकें और जनता के बीच अच्छा संदेश भी जायेगा। उदाहरण देते हुये बताया कि महाराष्ट्र पुलिस का आदर्श वाक्य 'सदरक्षणाय खलनिग्रहणाय' है। इसका मतलब है कि अच्छों की रक्षा करना और अपराधियों को दण्डित करना। उन्होंने कहा कि इससे पुलिस कर्मी को प्रेरणा मिलेगी और जनता के बीच अच्छा संदेश भी जायेगा।

आधुनिकीकरण की वकालत

राज्यपाल ने प्रदेश में पुलिस द्वारा आधुनिक शस्त्रों एवं वाहनों के प्रयोग की प्रशंसा की। पुलिस व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिये तथा आतंकवाद, डकैती, लूट, हिंसा आदि का सामना करने के लिये आधुनिक हथियार व उपकरण होने की जरूरत है। मामलों की तफ्तीश औक साईबर अपराध जैसे मामलों में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग होना चाहिये। इसके लिये अधिकारी से लेकर आरक्षी स्तर के कर्मियों को विधिवत प्रशिक्षण भी दिया जाये। उन्होंने कहा कि पुलिस के पास वाहन और हथियार आधुनिक होने से कार्य में कुशलता आयेगी।

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