सड़क किनारे खड़े वाहन और अवैद्ध पार्किंग से लगता है जाम

सड़क किनारे खड़े वाहन और अवैद्ध पार्किंग से लगता है जामgaonconnection

लखनऊ। लखनऊ में सड़कों के किनारे खड़े बेतरतीब वाहन और अवैध पार्किंग जाम की वजह बन गई हैं। चारबाग से हजरतगंज हो या कैसरबाग से नक्काश या फिर लखनऊ का दूसरी कोई सड़क के दोनों तरफ खड़े सड़क पर चलने की जगह नहीं बचती। वहीं कई जगह अवैध तरीके से पार्किंग बना ली गई हैं, जहां आम लोगों से अवैध वसूली तो होती ही है जाम भी लग जाता है।

यहां पर होती है  अवैध पार्किंग और वसूली

केस-1

क्वीन मेरी अस्पताल के सामने कुछ दबंगों ने अवैध तरीके से स्टैण्ड चला रहे हैं। प्रत्येक साइकिल से 5 रुपए और मोटर साइकिल से 10 रुपए लेते हैं और जब कोई मना करता है तो उससे मारपीट करने पर उतर आते हैं। क्वीन मेरी अस्पताल के एक गार्ड ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, "अस्पताल के गेट के सामने कुछ स्थानीय दबंग स्टैण्ड चला रहे हैं। इन्हें मना करो तो ये मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। कई बार नगर निगम में शिकायत भी की गयी। उस वक्त तो कार्रवाई हुई लेकिन बाद में फिर वही शुरू हो गया।"

केस- 2

निरालानगर 

एसबीआई बैक के सामने सड़क के फुटपाट पर मोटरसाइकिल की पार्किग करते हैं। बैक में आने वाले हर व्यक्ति के गाड़ी में जबरन टोकन लगाया जाता है। यदि ग्राहक टोकन लेने के मना करते है तो स्टैड का संचालन करने वाले व्यक्ति लड़ने पर उतर आते हैं। इनका कहना है, "गाड़ी खड़ी करनी है तो टोकन लेना पडेगा।" मोटर साईकिल में टोकन लगाकर एक बार में दस रूपये लिये जाते है।

केस-3

अमीनाबाद

मार्केट में सड़क के किनारे गाड़ी खड़ी करने के लिये लोगों को मजबूरन पैसे देने पड़ते हैं। यहां के फुटपाट पर नगर निगम की जगह स्टैण्ड चलाने वाले दबंगों के अधिकार हैं।

केस-4

कैसरबाग 

रेजीडेन्सी से लेकर कैसरबाग चौराहे तक पूरे मार्ग के किनारे दो पहिया वाहन खड़े किये जाते हैं, जिसकी वजह से यहां आये दिन जाम लगा रहता है। स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि कई बार जाम में फंसे लोगों को निकलने में घण्टों लग जाते हैं। कैसरबाग बस अड्डे के पास तो हमेशा जाम ही लगा रहता है। 

केस-5

सहारागंज मॉल के सामने

सहारागंज मॉल के सामने ट्रैफिक समस्या को देखते हुये यातायत पुलिस ने इसे वन-वे कर दिया है। लेकिन मॉल के सामने मोटर साइकिल का स्टैंड सड़क के किनारे ही चलाया जा रहा है, जिसमें कई जगह पर दबंगई के दम पर स्टैड बनाकर पैसो की वसूली की जा रही है।

केवल वीआईपी दौरे के समय हटते हैं वाहन

शहर में जब मुख्यमंत्री या किसी अन्य वीआईपी का दौरा होता है, केवल उसी समय शहर में सड़कों के साथ गैर-कानूनी तरीके से खड़े होने वाले वाहनों को हटाया जाता है। वीआईपी दौरे के समय पुलिस प्रशासन इस बात को पूरी तरह से सुनिश्चित कर लेता है कि शहर में जाम की स्थिति पैदा न हो और मुख्यमंत्री या दूसरे वीआईपी के सामने उसकी पोल न खुल जाए। एक बार वीआईपी शहर से बाहर हो जाता है तो फिर वही स्थिति पैदा हो जाती है।

अपर नगर आयुक्त अवनीश श्रीवास्तव बताते है, "शहर में सडक के किनारे जो अवैध पार्किंग और अवैध स्टैण्ड है। वहां की स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर उन स्टैण्डों को हटवाया जाएगा।"

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