सड़क पर ट्रैफिक, हवा मेें नियम

सड़क पर ट्रैफिक, हवा मेें नियमगाँव कनेक्शन

मैनपुरी। जिले में यातायात कर्मियों की लापरवाही के कारण सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। अभी तक जिले बिना हेलमेट और बिना लाइसेंस के हज़ार से ज़्यादा लोगों का चालान हो चुका है। इसके बावजूद भी लोग यातायात नियमों में  सावधानी नहीं बरत रहे हैं।

22 जून 2015 को छिबरामऊ निवासी दीपक (32) अपनी बाइक से जा रहे थे। अचानक किशनी चौराहे पर विपरीत दिशा से आ रहे एक ट्रक के चालक ने लापरवाही से चलाते हुए बाइक में टक्कर मार दी थी। जिससे मौके पर ही दीपक की दर्दनाक मौत हो गई थी। 

30 सितंबर 2015 को कुसमरा थाना क्षेत्र में अज्ञात वाहन ने एक बाइक में टक्कर मारी थी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार तीनों युवकों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई थी। 

इन दोनों ही हादसों में बाइक सवार युवकों की मौत की मुख्य वजह सिर पर चोट लगना बताई गई थी। सड़क हादसों में मरने वालों ने हेलमेट नहीं लगाया था। ये तो महज दो घटनाएं मात्र हैं। 

यातायात नियमों की अनदेखी से जिले में आए दिन ऐसे हादसे बढ़ रहे हैं। इसके लिए यातायात कर्मचारी भले ही चालकों की लापरवाही बताकर अपना पल्ला झाड़ रहे हों लेकिन व्यवस्था में खामी भी हादसों की एक बडी वजह साबित हो रही है। जिले में हो रही यातायात संबंधी दुर्घटनाओं के बारे में जिला प्रभारी यातायात, धर्मपाल सिंह बताते हैं, ''जिस तेजी से शहर में ट्रैफिक बढ़ा है, उस गति से न तो सड़कों का विस्तार हो पाया है और न ही सुविधाओं में इजाफ़ा। लगातार बढ़ते ट्रैफि क को काबू करने के लिए यातायात पुलिस कर्मियों की संख्या भी बेहद कम है। ऐसे में कुछ दिक्कतें हो रही हैं।" .

यातायात नियमों की अनदेखी जिले में एक गंभीर समस्या बन चुकी है। बगैर हेलमेट बाइक पर तीन सवारियों को बिठाकर चलना और सीट बेल्ट न बांधना एक शौक बन चुका है। कई बार तो खुद नियमों का पालन कराने वाले ही नियमों की अनदेखी करते दिखते हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए एक नवंबर से 30 नवंबर तक सड़क सुरक्षा माह मनाया गया लेकिन पुलिस का यह जागरूकता माह पंचायत चुनाव की भेंट चढ़ गया।

"यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। शहर के जेल चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल लगवाया गया है। इसके अलावा कुछ टेंपो को मेडिकल वेन बनवाया गया है। हम यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुलिस मित्रों की मदद ले रहे हैं। इन्हें यातायात के नियमों के बारे में प्रशिक्षण देकर ट्रैफिक काबू कराया जाएगा", शैलेंद्र लाल, सीओ सिटी,मैनपुरी

जिले में अभी तक नियमों के उल्लंघन पर हुई कार्रवाई 

  • वर्ष 2014 - चालान 13000, जुर्माना     14 लाख
  • वर्ष 2015 - चालान 15000, जुर्माना     20 लाख
  • 7413 चालान बगैर हेलमेट 
  • 1735 चालान बगैर सीट बेल्ट
  • 2045 चालान तीन सवारी पर
  • 1085 बिना लाइसेंस पर
  • 450 नशे में गाड़ी चलाना
  • 1350 ओवरलोड वाहनों के खिलाफ चालान

रिपोर्टिंग - वीरभान सिंह

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