सड़क निर्माण के चलते हरियाली पर चलेगी आरी

सड़क निर्माण के चलते हरियाली पर चलेगी आरी

उन्नाव। शुक्लागंज से उन्नाव के अचलगंज तिराहा तक सड़क के दोनों आेर लगे हरे पेड़ अब और अधिक लोगों को राहत नहीं दे सकेंगे। ऐसा इसलिए है क्योंकि फोरलेन के निर्माण में यह पेड़ बाधा बन रहे हैं और प्रशासन ने इन्हें कटवाने की तैयारी शुरू कर दी है।

फोरलेन व साइकिल ट्रैक के निर्माण से पहले ही इन पेड़ों को कटवा दिया जाएगा। शुक्लागंज से अचलगंज तिराहा के बीच दो हजार से अधिक हरे पेड़ हैं जो मौजूदा समय में राहगीरों को तेज धूप व बारिश से राहत देते हैं। 

मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल फोरलेन निर्माण ने तेजी पकड़ ली है। फोरलेन की जद में आने वाले भवनों को बुलडोजर चलाकर गिरा दिया गया है। प्रशासन दिन रात एक कर फोरलेन के निर्माण कार्य को गति प्रदान कर रहा है। अवैध मकानों को गिरवाने के बाद अब बारी हरे पेड़ों की है।

शुक्लागंज से लेकर अचलगंज तिराहा के बीच 12 किलोमीटर की दूरी है। इस दूरी में सड़क के दोनों आेर हजारों की संख्या में हरे पेड़ खड़े हैं जो लोगों को हर मौसम में राहत देते है। फोरलने का निर्माण शुरू होते ही इस बात के कयास लगाए जाने लगे थे कि अब जल्द ही हरियाली पर प्रशासन की आरी चलेगी। फोरलेन के लिए नापजोख का काम पूरा होने के बाद ही प्रशासन ने सड़क के दोनों आेर लगे हजारों की संख्या में हरे पेड़ों की पहचान कर ली थी। जिन्हें अब कटवाया जाना है। हालांकि अभी पेड़ों को कटवाने की अनुमति केंद्रीय पर्यावरण समिति से मिलना बाकी है। विभाग की अनुमति मिलते ही प्रशासन पेड़ों को कटवाना शुरू कर देगा। पेड़ों की कटान होने के बाद शुक्लागंज से लेकर अचलगंज तिराहा तक हरियाली पूरी तरह से गायब हो जाएगी। इससे इस मार्ग पर सफर करने वालों को कई मुश्किलों का सामना भी करना पड़ेगा। तेज धूप व बारिश से भी वह बचाव नहीं कर सकेंगे। पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के अधिशाषी अभियंता एपी सिंह ने बताया कि अभी केंद्रीय पर्यावरण समिति की अनुमति उन्हें नहीं मिली है। अनुमति मिलते ही पेड़ों को कटवाया जाएगा। फोरलेन की जद में आ रहे पेड़ों को ही कटवाया जाना है। 

रिपोर्टर - श्रीवत्स अवस्थी 

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