सेबी ने माल्या का खिलाफ़ जांच का दायरा बढ़ाया

सेबी ने माल्या का खिलाफ़ जांच का दायरा बढ़ायाGaon Connection

मुंबई (भाषा)। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड ने विजय माल्या की अगुवाई वाले यूबी समूह से जुड़े कामकाज में अपनी जांच की प्रक्रिया और तेज़ कर दी है। इस जांच में प्रथम दृष्टया भेदिया कारोबार रोधी और कंपनी संचालन के संबंधित नियमों के अनुपालन न करने का मामला सामना आया है।

ये मामले यूबी समूह के खुद के शेयरों के सौदों के अलावा ब्रिटेन की डियाजियो और अन्य विदेशी कारोबारियों के साथ किये गये सौदों से जुडे हैं। सेबी आगे देश के अन्य नियामकों के साथ-साथ विदेशी नियामकों से भी सूचना जुटा सकता है, साथ ही शेयर बाजारों से भी जानकारी मांग सकता है। नियामक माल्या द्वारा किए गए जटिल सौदों को खोलना चाहता है।

इन सौदों में हिस्सेदारी की बिक्री और समूह की विभिन्न कंपनियों में अधिकारों के हस्तांतरण के मामले शामिल हैं। सभी संबंधित पक्षों से, जिसमें यूबी समूह की मौजूदा और पूर्ववर्ती कंपनियां शामिल हैं, ब्योरा और स्पष्टीकरण मांगा गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इसके अलावा उन विदेशी कंपनियों से भी जानकारी मांगी गई है जिनके साथ माल्या ने यूनाइटेड स्पिरिट्स की नियंत्रक हिस्सेदारी डियाजियो को बेचने के लिए लेनदेन किया था।

नियामकीय सूत्रों ने कहा कि सेबी ने प्रथम दृष्टया विभिन्न लेनदेन में नियमों का अनुपालन नहीं किए जाने का प्रथम दृष्टया मामला पाया है। इसके अलावा उसने उन अन्य एजेंसियों और नियामकों के साथ भी सहयोग बढ़ाया है जो यूबी समूह की किंगफिशर एयरलाइंस द्वारा लिए गए भारी कर्ज में कथित उल्लंघनों की अलग से जांच कर रही हैं। माल्या के देश से निकालने के कुछ ही समय पहले यूनाइटेड स्पिरिट्स से बाहर निकलने के संबंध में डियाजियो के साथ किये गये 515 करोड़ रुपए के उदार करार कर की भी सेबी जांच कर रहा है।

इसमें कंपनी संचालन और अन्य नियमों के उल्लंघन का संदेह है। उनके देश से बाहर जाने के बाद से एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। डियाजियो ने माल्या के हटने के संबंध में जो करार किया है उसके आधे का भुगतान वो पहले ही कर चुकी है।

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