यूपी में हर जिले में मनाया जाएगा हाईरिस्क प्रेग्नेंसी-डे 

यूपी में हर जिले में मनाया जाएगा हाईरिस्क प्रेग्नेंसी-डे फोटो- विनय गुप्ता

लखनऊ। प्रदेश में मातृ मृत्यु दर को घटाने के लिए सरकार काम कर रही है। गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिलाओं की उचित देखभाल और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए 14 अक्टूबर से लेकर 21 अक्टूबर तक मातृत्व सप्ताह के दूसरे चरण की शुरूआत की जा रही है। यह जानकारी गुरुवार को सचिवालय में आयोजित एक प्रेसवार्ता में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अरुण कुमार सिन्हा ने दी।

उन्होंने बताया कि 24 और 25 अक्टूबर को प्रत्येक ब्लाक और जिला स्तर पर हाई रिस्क प्रेगनेंसी दिवस का भी आयोजन किया जाएगा। इस दिन शहरी क्षेत्र में भी इस दिवस को मनाया जाएगा। जहां पर शहरी आशा प्रशिक्षित और क्रियाशील हो गई हैं। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि प्रदेश में 50 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं, जो मातृ मृत्यु का सबसे बड़ा कारण है। इसके अलावा ब्लड प्रेशर और पहले की बीमारियों की पहचान न होने से गर्भवती महिलाओं की मृत्यु हो जाती है। जिसको रोकने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। मातृत्व सप्ताह में पूरे प्रदेश के सभी पीएचसी, सीएचसी और स्वास्थय केन्द्रों पर गर्भवती महिलाओं की जांच होगी।

जिसमें गर्भवती महिला का पंजीकरण, वजन, बल्ड प्रेशर, हीमोग्लोबिन, यूरीस्टिक्स के जरिए एल्ब्यूमिन और सुगर की जांच की जाएगी। साथ ही टिटनेस का इंजेक्शन भी लगाया जाएगा। गर्भवती महिलाओं को आयरन और कैल्शियम के टैबलेट का वितरण किया जाएगा। इस सप्ताह में हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को भी चिन्हित किया जाएगा और उनकी उचित देखभाल के लिए एएनएम और आशा को निर्देश जारी किया जाएगा।

एनीमिया पीड़ित महिलाओं को 360 टैबलेट आयरन मुफ्त में दिया जाएगा। जिसमें 180 टैबलेट प्रेगनेंसी के पहले और 180 प्रेगनेंसी के बाद दिया जाएगा। इसी तरह कैल्शियम का 720 टैबलेट दिया जाएगा। जिसमें 360 प्रेगनेंसी से पहले ओर 360 प्रेगनेंसी के बाद दिया जाएगा। आशाओं और एएएनएम को संस्थागत सुरक्षित प्रसव कराने के लिए मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को भी बढ़ा दिया गया है। आशा को इसके लिए 300 रुपए और एएनएम को 200 रुपए मिलेगा।
अरुण कुमार सिन्हा, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य

गर्भवती महिलाओं के लिए अब नया कार्ड भी जारी किया गया है, जिसमें बैंक और आधार कार्ड नंबर की भी जानकारी देना अनिवार्य होगा। एक जनवरी 2017 से जननी सुरक्षा योजना की जो प्रोत्साहन राशि है वह अब लाभार्थियों के खाते में सीधे जाएगी।

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