डायबिटीज से कैंसर का खतरा

मधुमेह से कैंसर होने का खतरा बढ़ सकता है। इससे कैंसर के मरीजों के जीवित रहने की संभावना कम हो सकती है।

डायबिटीज से कैंसर का खतरा

मधुमेह से कैंसर होने का खतरा बढ़ सकता है। इससे कैंसर के मरीजों के जीवित रहने की संभावना कम हो सकती है। स्वीडिश नेशनल डायबिटीज रजिस्टर (एनडीआर) से यह पता चला।

एनडीआर के अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार, मधुमेह से पीड़ित 20 प्रतिशत मरीजों में इस बीमारी से अछूते लोगों के मुकाबले कोलोरेक्टल कैंसर होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। और पांच प्रतिशत मरीजों में स्तन कैंसर होने का खतरा अधिक होता है।

11 में से एक व्यक्ति डायबिटीज का शिकार

जिन लोगों को कैंसर हो और वे मधुमेह से भी पीड़ित हों तो उनमें स्तन कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर के कारण मौत की क्रमश: 25 प्रतिशत और 29 प्रतिशत अधिक आशंका होती है। दुनियाभर में करीब 41.5 करोड़ से अधिक लोग मधुमेह से पीड़ित हैं। हर 11 में से एक व्यस्क मधुमेह से पीड़ित है। वर्ष 2040 तक इस संख्या के बढ़कर 64.2 करोड़ होने की संभावना है।

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पिछसे 30 साल में डायबीटिज के मरीजों में तेजी

अनुसंधान का नेतृत्व करने वाली जोर्नस्डोटिर ने कहा, "हमारा अध्ययन यह नहीं कहता कि जिस भी व्यक्ति को मधुमेह है, उसे बाद में कैंसर हो जाएगा। चूंकि पिछले 30 वर्षों में टाइप-2 मधुमेह से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ी है तो हमारा अध्ययन मधुमेह से देखभाल के महत्व पर जोर देता है।"

अपनाएं ये घरेलू उपाय

शरीर में शुगर लेवल को कम करने के लिए कड़वी चीजे ज्यादा फायदेमंद साबित होती है। इसके लिए आप अधिक मात्रा में नीम, मेथी, आंवला, एलोवेरा या फिर करेला का सेवन करें। डाटबिटीज रोगियों के लिए जामुन काफी फायदेमंद हो सकते है। इसके लिए जामुन की गुठली को सुखा कर उसका पाउडर बना लें और रोजाना सुबह एक चम्मत इसका सेवन करें। डायबिटीज रोगी अधिक मात्रा में तौरी, लौकी, पालक, परवल, आदि का सेवन करें। जामुन की गुठली के अलावा उनके गुदा, छाल भी काफी फायदेमंद साबित हो सकते है।

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डायबिटीज के कारण

हमारे शरीर की पेंक्रियाज ग्रंथी के ठीक से काम न करने या फिर पूरी तरह से बेकार होने से डायबिटीज हो जाती है। पेंक्रियाज ग्रंथी से तरह-तरह के हार्मोंस निकलते हैं, इन्हीं में से हैं इंसुलिन और ग्लूकान। इंसुलिन हमारे शरीर के लिए बहुत उपयोगी है। इंसुलिन के जरिए ही हमारे रक्त में, हमारी कोशिकाओं को शुगर मिलती है यानी इंसुलिन शरीर के अन्य भागों में शुगर पहुंचाने का काम करता है।

इंसुलिन हार्मोंन का कम निर्माण होना

इंसुलिन द्वारा पहुंचाई गई शुगर से ही कोशिकाओं या सेल्स को एनर्जी मिलती है। डायबिटीज का कारण है इंसुलिन हार्मोंन का कम निर्माण होना, जब इंसुलिन कम बनता है तो कोशिकाओं तक और रक्त में शुगर ठीक से नहीं पहुंच पाती जिससे सेल्स की एनर्जी कम होने लगती है और इसी कारण से शरीर को नुकसान पहुंचने लगता है।

रक्त में शुगर का अधिक होना

डायबिटीज के कारण इंसुलिन के कम निर्माण से रक्त में शुगर अधिक हो जाती है क्योंकि शारीरिक ऊर्जा कम होने से रक्त में शुगर जमा होती चली जाती है जिससे कि इसका निष्कासन मूत्र के जरिए होता है। इसी कारण डायबिटीज रोगी को बार-बार पेशाब आता है।

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अनुवांशिक कारण

डायबिटीज के होने के और भी कारण है। यह अनुवांशिक भी होती है। यदि आपके परिवार के किसी सदस्य मां-बाप, भाई-बहन में से किसी को है तो भविष्य में आपको भी डायबिटीज होने की आशंका बढ़ जाती है।

मोटापा भी है जिम्मेदार

आपका समय पर ना खाना, बहुत अधिक जंकफूड खाना या आपका मोटापा बढ़ना भी डायबिटीज का मुख्य कारक है। आपका वजन बहुत बढ़ा हुआ है, आपका बीपी बहुत हाई है और कॉलेस्ट्रॉल भी संतुलित नहीं है तो आपको डायबिटीज हो सकता है। बहुत अधिक मीठा खाने, नियमित रूप से बाहर का खाना खाने, कम पानी पीने, एक्सरसाइज ना करने, खाने के बाद तुरंत सो जाने या ज्यादा समय तक लगातार बैठा रहना इत्यादि कारण भी डायबिटीज को जन्म दे सकते हैं।

(इनपुट:भाषा)

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