दिवाली: सरकारी अस्पतालों में 24 घंटे तैनात रहेंगे नेत्र विशेषज्ञ और सर्जन समेत कई डॉक्टर

Deepanshu MishraDeepanshu Mishra   6 Nov 2018 9:25 AM GMT

दिवाली: सरकारी अस्पतालों में 24 घंटे तैनात रहेंगे नेत्र विशेषज्ञ और सर्जन समेत कई डॉक्टर

लखनऊ। दीपावली पर होने वाली दुर्घटनाओं से निपटने के लिए सरकारी अस्पतालों को तैयार किया गया है। लखनऊ में कई अस्पतालों में अलग से वार्ड बनाए गए हैं तो आंख और सर्जरी के डॉक्टर 24 घंटे तैनात रहेंगे। दिवाली पर सबसे ज्यादा हादसे पटाखों से झुलसने की होती हैं।

लखनऊ के सबसे बड़े अस्पताल किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रॉमा सेंटर में मरीजों सामान्य दिनों में काफी भीड़ रहती है। दिवाली ये संख्या और बढ़ सकती है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, ट्रॉमा सेंटर डॉ यूबी मिश्र ने बताया, "डॉक्टर के साथ विभागों के सीनियर रेजिडेंट भी मौजूद रहेंगे। आपदा प्रबंधन वार्ड (डिजास्टर मैनेजमेंट वार्ड) को भी बताया गया है कि भी आकस्मिक घटना होने वर सक्रिय रहें। इसके अलावा डायग्नोस्टिक, सिटी स्कैन, एक्सरे सभी चीजें चलती रहेंगी। मैन पॉवर और मेडिकल सभी चीजें उपलब्ध हैं। कुछ डॉक्टरों को पहले ही बताया गया है कि बड़ी घटना की सूचना होने पर वो तुरंत अस्पताल पहुंचे।"

केजीएमयू के ट्रामा सेंटर में भी रहेंगे विशेष इंतजाम।केजीएमयू के ट्रामा सेंटर में भी रहेंगे विशेष इंतजाम

लखनऊ शहर में स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल 50 बेड का वार्ड दीपावली के लिए आरक्षित किया गया है। आपातकाल के लिए इमरजेंसी में नियमित डॉक्टरों के अलावा 3-4 डॉक्टरों की विशेष तैनाती की जाएगी। सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ आशुतोष दुबे बताते हैं, " जलने और झुलसने के ज्यादा केस की आशंका को देखते हुए प्लास्टिक सर्जरी विशेषज्ञ और नेत्र विशेषज्ञ राउंड-ओ-क्लॉक ड्यूटी पर रहेंगे। सभी डॉक्टरों के अवकाश को निरस्त करते हुए उन्हें सूचित किया है कि उन्हें किसी भी माध्यम से फोन, मैसेज, टीवी आकस्मिक दुर्घटना की जानकारी होती है तो तुरंत अस्पताल पहुचें।"

वहीं बलरामपुर में 18 बेड को आरक्षित किया गया है। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ऋषि कुमार सक्सेना ने बताया, "हम डॉक्टर के लिए होली, दिवाली या कोई भी त्यौहार सब आम दिन जैसे ही होते हैं। इस बार 18 बेड़ों की संख्या बढ़ाई गई है। अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए इमरजेंसी में 18 बेड की संख्या बढ़ाई गई है। अस्पताल में दवाई आदि की किसी भी प्रकार की कमी नहीं है।"

ट्रामा सेंटर के बाद सबसे ज्यादा मरीज सिविल और राम मनोहर लोहिया अस्पातल में आते हैं। आरएमएल में प्रदेश के कई जिलों के मरीज पहुंचते हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है दिवाली की रात 12 बजे तक ओपीडी और इमरजेंसी में 24 घटे ओपीडी चालू रहेगी। कई डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। सर्जन और नेत्र चिकित्सक की विशेष ड्यूटी लगाई गई हैं।"

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