फ्लू के दौरान दर्द निवारक लेने से बढ़ सकता है दिल के दौरे का खतरा:अध्ययन

फ्लू के दौरान दर्द निवारक लेने से बढ़ सकता है दिल के दौरे का खतरा:अध्ययनकरीब 10 हजार मरीजों पर किए गए एक ताजा अध्ययन में ये बात सामने आई।

बीजिंग (भाषा)। एक अनुसंधान के मुताबिक सर्दी और जुकाम के दौरान दर्द निवारक दवा लेने से दिल के दौरे का खतरा बढ़ सकता है। करीब 10 हजार मरीजों पर किए गए एक ताजा अध्ययन में ये बात सामने आई।

ताइवान के नेशनल ताइवान यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में शोधकर्ताओं ने कहा कि सांस के गंभीर संक्रमण के लक्षणों को कम करने के लिए डॉक्टरों को उन दवाओं को लिखते वक्त और मरीजों को उन दवाओं को लेते वक्त सावधानी बरतनी चाहिए जिन्हेें नॉन स्टेरॉयड दर्द निवारक दवाओं (एनएसएआईडी) के तौर पर जाना जाता है।

ताइवान के राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम में किए गए दावों पर अनुसंधानकर्ताओं ने सात साल (2005-2011) की अवधि तक एक पर्यवेक्षण अध्ययन किया। इस दौरान दिल का दौरा पड़ने के बाद अस्पतालों में भर्ती हुए करीब 10 हजार मरीजों के आंकड़ों का अध्ययन किया गया।

इस अध्ययन का लक्ष्य ये जानना था कि क्या दिल के लिए खतरा पैदा करने वाले कारकों- श्वसन तंत्र में गंभीर संक्रमण, जैसे सर्दी या इंफ्लुएंजा और एनएसएआईडी का इस्तेमाल - मिलकर, दिल के दौरे का खतरा बढ़ाते हैं।

अनुसंधानकर्ताओं ने हर मरीज के दिल के दौरे के लिए उसके अपने जोखिम वाले कारकों के साथ के साथ उसकी सांस से जुड़ी बीमारियों और एनएसएआईडी के इस्तेमाल की भी तुलना की। उन्होंने पाया कि जब दोनों कारक मौजूद हैं तो दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है।

डॉक्टरों को इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि श्वसन तंत्र के गंभीर संक्रमण के दौरान एनएसएआईडी के सेवन से दिल के दौरे का खतरा और बढ़ सकता है। सर्दी और जुकाम के लक्षणों के दौरान राहत के लिए एनएसएआईडी के इस्तेमाल से पहले मरीजों को अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट से बात करनी चाहिए।
चेंग-चुंग फंग, लेखक, नेशनल ताइवान यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल

तीन से सात गुना तक बढ़ जाता है खतरा

उन मरीजों के मुकाबले जो इन दोनों तरह के जोखिमों से दूर रहते हैं, श्वसन तंत्र के गंभीर संक्रमण के दौरान दर्द निवारक का इस्तेमाल दिल के दौरे के खतरे को 3.4 गुना तक बढ़ा देता है जबकि मरीज जब अस्पताल में नसों के जरिये दर्द निवारक लेते हैं तो इसका खतरा 7.2 गुना बढ़ जाता है। श्वसन तंत्र की गंभीर संक्रमण के दौरान जब एनएसएआईडी नहीं लिया जाता तो दिल के दौरे का खतरा 2.7 गुना बढ़ जाता है लेकिन संक्रमण के बिना इन दवाओं का सेवन करने वालों को दिल के दौरे का खतरा 1.5 गुना बढ़ जाता है।

पूर्व में किए गए शोध में सामने आया था कि श्वसन तंत्र में संक्रमण और कुछ एनएसएआईडी दिल की बीमारी के लिए जोखिम पैदा करते हैं, लेकिन इन अध्ययनों में जोखिम वाले कारकों को अलग-अलग देखा गया था।

आम तौर पर इस्तेमाल की जाने वाली एक और दर्द निवारक एसीटामीनोफेन दिल के दौरे के जोखिम के मामले में अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प हो सकता है। इस दवा को हालांकि अध्ययन में शामिल नहीं किया गया था।

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