शाहजहांपुरः जिलाधिकारी के सामने हिन्दी भी नहीं पढ़ सके छात्र

शाहजहांपुरः जिलाधिकारी के सामने हिन्दी भी नहीं पढ़ सके छात्रgaonconnection

शाहजहांपुर। शिक्षा की गुणवत्ता को परखने के लिए जिलाधिकारी पुष्पा सिंह ने मुख्यालय से लगे भावलखेड़ा ब्लॉक के विभिन्न प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया।

उच्च प्राथमिक विद्यालय अटसलिया के निरीक्षण में जिलाधिकारी ने कहा कि सुबह 8:30 बजे स्कूल की सफाई होगी तो पढ़ाई कब होगी। विद्यालय में कुल 60 बच्चों में 20 बच्चे उपस्थित पाए गए। पुष्पा सिंह ने जब बच्चों से किताब पढ़वाकर शिक्षा की गुणवत्ता के विषय में जानकारी की तो पाया कि बच्चों को शुद्ध हिन्दी पढ़ना नहीं आ रहा है।

उन्होंने शिक्षिकाओं से बच्चों के न पढ़ पाने का कारण पूछा तो वह कुछ बता नहीं सकीं। प्राथमिक विद्यालय अटसलिया के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि शिक्षा की गुणवत्ता बेहद खराब है। कक्षा चार की रजनी, कक्षा तीन की रंजना, कक्षा दो के इन्द्रसेन आदि छात्र-छात्राएं एक अक्षर भी नहीं पढ़ सके। इस पर जिलाधिकारी ने बेहद नाराजगी व्यक्त करते हुए शिक्षिका मीरा सिंह, नम्रता मिश्रा, जुवैदा खातून को प्रतिकूल प्रविष्ट देने के निर्देश दिए।

शिक्षिका मीरा सिंह द्वारा अनावश्यक बहस करने तथा अपने शैक्षिक कार्य में रुचि न दिखाने पर जिलाधिकारी ने उन्हें निलम्बित करने के निर्देश दिए। प्राथमिक विद्यालय जमुका प्रथम और द्वितीय का निरीक्षण में शिक्षा की गुणवत्ता कि जांच करने पर कक्षा चार की छात्रा रोजबानो, कक्षा पांच की रीता, कक्षा चार के छात्र हर्षित हिन्दी भी नहीं पढ़ सके।

इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा, “प्रत्येक शिक्षक को सरकार अच्छा खासा वेतन दे रही है और वेतन भी पढ़ाने के लिए ही दिया जा रहा है। यही शिक्षकों की रोजी-रोटी है। यदि अपने रोजी-रोटी से ही खिलवाड़ किया जाएगा तो भविष्य क्या होगा? यह शिक्षक स्वयं सोचें।” डीएम पुष्पा सिंह ने प्राथमिक विद्यालय जमुका द्वितीय के निरीक्षण के दौरान अध्यापिका डॉ. शालिनी अनुपस्थित होने पर एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। यहां भी विद्यालय के कक्षा दो की अंशिका, अंकित, को गिनती और अक्षर का ज्ञान नहीं था। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। 

प्राथमिक विद्यालय पड़रा सिकन्दरपुर के निरीक्षण में कक्षा पांच के शोभित, हर्षित से हिन्दी पढ़ने को कहा तो वह नहीं पढ़ सके। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए, जिलाधिकारी ने सभी शिक्षकों से कहा कि कक्षावार बच्चों को पढ़ाएं। उन्होंने रुचि, उमैरा और कवीन्द्र से पढ़ने को कहा तो वह भी नहीं पढ़ सके। इस प्रकार कक्षा पांच के बच्चे भी नहीं पढ़ सके, जिलाधिकारी ने शिक्षकों के वेतन रोकने के निर्देश दिए। 

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