शहद उत्पादकों की नहीं सुन रही पंजाब सरकार

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जालंधर (भाषा)। पंजाब में मधुमक्खी पालकों को सस्ती दरों पर कर्ज मुहैया कराने और उत्पादों को अच्छा बाजार व सस्ती दर चीनी देने का वादा मुख्यमंत्री ने चार साल पहले  किया था। लेकिन आज तक इनमें से एक भी वादा पूरा नहीं हो सका है। 

कृषि विभाग का कहना है कि राज्य में शहद की मार्केटिंग की कोई समस्या नहीं है और अगर किसी को समस्या है तो वह जिला स्तर पर अधिकारियों से बातचीत कर सकता है। पंजाब सरकार ने राज्य में शहद उत्पादकों की समस्या को देखते हुए मधुमक्खी पालक किसानों की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें किसानों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी समस्या रखी थी। बहरहाल, इस बैठक में मुख्यमंत्री ने हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया था, लेकिन बैठक में शामिल एक महिला किसान की मानें तो बीते चार साल में सरकार की ओर से एक भी वादा पूरा नहीं किया जा सका है।

बैठक में मौजूद जालंधर के ढेनालकलां गाँव निवासी संगीता देओल ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने चार साल पहले शहद उत्पादक किसानों की बैठक बुलाई थी और उचित मार्केटिंग की व्यवस्था, सस्ती दर पर चीनी उपलब्ध कराने, कीटों के लिए दवाई उपलब्ध कराने सहित अन्य समस्याओं के निपटारे का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक एक भी वादा पूरा नहीं हुआ है।'' राज्य में कृषि विविधताओं के लिए प्रदेश सरकार से पुरस्कृत संगीता ने कहा, ‘‘शहद उत्पादकों ने सूबे में उत्पाद की मार्केटिंग तथा विपणन के लिए आउटलेट की मांग की थी, जिस पर मुख्यमंत्री ने ऐसी व्यवस्था किए जाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं हुआ।''

 दार्जीलिंग से यहां आई संगीता ने बताया कि बैठक में यह भी तय किया गया था कि पंजाब कृषि विश्वविद्यालय की सहायता से सूबे में जगह जगह फूलों के पौधे लगाए जाएंगे ताकि मधुमक्खियों को नेक्टर मिल सके पर इस पर भी कोई अमल नहीं हुआ है। दूसरी ओर, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक स्वतंत्र कुमार ऐरी दावा करते हैं कि शहद की मार्केटिंग की कोई समस्या नहीं है और अगर किसी को दिक्कत है तो जिला स्तर पर कृषि अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी समस्या रख सकते हैं जिसका निदान किया जाएगा।

ऐरी ने कहा, ‘‘राज्य में शहद की मार्केटिंग की कोई समस्या नहीं है। सबकुछ व्यवस्थित है। अगर किसी को ऐसी कोई समस्या आती है तो वह संबंधित जिले के कृषि अधिकारी से बातचीत कर अपनी समस्या बता सकते हैं। सरकार उनकी समस्या के निदान के लिए तत्पर है।'' मुख्यमंत्री के वेरका दूध के बूथों पर शहद रखवाने के आश्वासन के संबंध में पूछे जाने पर ऐरी ने बताया कि उनकी जानकारी में ऐसा कुछ भी नहीं है। 

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ चीजें सरकार की नीति पर निर्भर करती हैं, लेकिन मैं इतना जरुर कहूंगा कि सरकार किसानों के प्रति संवेदनशील है और किसी भी किसान को कोई समस्या आती है तो वह संबंधित जिले में संपर्क कर सकता है। साथ ही किसान कृषि विभाग के अलावा मंडी बोर्ड से भी संपर्क कर सकते हैं।''  नेक्टर के लिए फूल वाले पौधे के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, ‘‘देखिए राज्य में पौधारोपण हो रहा है। सभी क्षेत्रों में पौधों में फूल लगते हैं और मधुमक्खियों को वहां से नेक्टर मिल सकता है।'' हालांकि, शहद उत्पादकों को सस्ते कर्ज, सस्ती चीनी तथा वूरामाइट कीटनाशक दवाइयों को उपलब्ध कराने के मुख्यमंत्री के वादों पर ऐरी ने कुछ नहीं कहा।

    

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