शरीर के रक्षक हैं विटामिन

शरीर के रक्षक हैं विटामिनगाँव कनेक्शन

विटामिनों की कमी कर सकती है आपको बीमार

लखनऊ। तरह-तरह के पोषक तत्व मिल कर हमारी सेहत को दुरुस्त रखते हैं, जिनमें विटामिन्स खास भूमिका निभाते है। खान-पान में विटामिन्स की कमी शरीर को कई बीमारियां दे सकते हैं। अपने भोजन में कुछ बदलाव करके आप इस कमी को शरीर से दूर रख सकते हैं। 

शरीर में कौन से विटामिन की कमी से कौन सा रोग हो सकता है और इसके बचाव के लिए खान पान में क्या शामिल करना चाहिए। आइए जानने की कोशिश करते हैं।

विटामिन 'ए’

विटामिन 'ए’ कई पोषक कार्बनिक कंपाउड से मिलकर बनता है, जिनमें मुख्य रूप से रेटिनॉल और थैरीमीन होते हैं। यह विटामिन शरीर में अनेक अंगों जैसे त्वचा, बाल, नाखून, ग्रंथि, दांत, मसूड़ा और हड्डी को सामान्य रूप में बनाए रखने में मदद करता है। विटामिन 'ए' की कमी से ज्यादातर आंखों की बीमारियां होती हैं, जैसे करतौंधी, आंख के सफेद हिस्से में धब्बे। यह रक्त में कैल्शियम का स्तर बनाए रखने में भी मदद करता है और हड्डियों को मजबूत बनाता है। 

स्रोत : शरीर में विटामिन 'ए' की कमी न होने के लिए चुकंदर, गाजर, पनीर, दूध,टमाटर, हरी सब्जिया, पीले रंग के फल खाने चाहिए। इसमें विटामिन 'ए' भरपूर मात्रा में पाया जाता है,जो शरीर में इसकी पूर्ति करते हैं। 

विटामिन 'बी' 

विटमिन 'बी' हमारी कोशिकाओं के जीन और डीएनए को बनाने और उनके सुचारू संचालन में मदद करता है। इसके कई काम्पलेक्स होते हैं, बी1, बी2, बी 3, बी 5, बी 6, बी 7 और बी 12। यह दिमाग, रीढ़ की हड्डी और नसों के कुछ तत्वों को बनाने में मदद करता है। लाल रक्त क णिकाओं का निर्माण भी इसकी मदद से होता है। इसकी कमी से बेरी बेरी, त्वचा की बीमारियां, एनीमिया, मंदबुद्घि होना आदि हो सकते हैं। ये आनुवंशिक रोगों का कारण भी हो सकता है। शाकाहारियों में इसकी कमी ज्यादा होती है क्योंकि ये विटामिन ज्यादातर मांसाहार में पाया जाता है।

स्रोत : विटामिन 'बी' ज्यादातर मांसाहार  जैसे मछली, मीट, अंडा आदि से प्राप्त कर सकते हैं। शाकाहारी लोग इसकी आपूर्ति दूध और इससे बनने वाले उत्पादों, जमीन के अंदर उगने वाली सब्जियों आलू, गाजर, मूली में आंशिक रूप से पाया जाता है। 

विटामिन 'सी'

विटामिन 'सी' शरीर की मूलभूत रासायनिक क्रियाओं के संचालन में सहयोग करता है,जैसे तंत्रिकाओं तक संदेश पहुंचाना या कोशिकाओं तक ऊर्जा प्रवाहित करना आदि। विटामिन 'सी' मानव शरीर के सामान्य कामकाज के लिए आवश्यक है। यह एस्कॉर्बिक अम्ल होता है जो नींबू, संतरा, अमरूद, मौसम्मी आदि में पाया जाता है।

विटामिन 'सी' की कमी से स्कर्वी नामक रोग हो सकता है, जिसमें शरीर में थकान, मासंपेशियों की कमजोरी, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, मसूढ़ों से खून आना और टांगों में चकत्ते पडऩे जैसी समस्याएं हो जाती हैं। विटामिन 'सी' की कमी से शरीर छोटी-छोटी बीमारियों से लडऩे की ताकत भी खो देता है, जिसका नतीजा बीमारियों के रूप में सामने आता है।

स्रोत : विटामिन  'सी'  खट्टे रसदार फ ल जैसे आंवला, नारंगी, नींबू, संतरा, बेर,कटहल, पुदीना, अंगूर, टमाटर, अमरूद, सेब, दूध, चुकंदर, चौलाई और पालक में पाया जाता है। इसके अलावा दालों में भी विटामिन 'सी' पाया जाता है।

विटामिन 'डी'

विटामिन 'डी' का सबसे अच्छा स्रोत सूर्य की किरणें हैं। जब हमारे शरीर की खुली त्वचा सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणों के संपर्क में आती है तो ये किरणें त्वचा में अवशोषित होकर विटामिन 'डी' का निर्माण करती हैं। अगर सप्ताह में दो बार दस से पंद्रह मिनट तक शरीर की खुली त्वचा पर सूर्य की अल्ट्रा वायलेट किरणें पड़ती हैं तो शरीर की विटामिन 'डी' की पूर्ति हो जाती है। 

इसकी कमी से हड्डियां कमजोर, टेढ़ी भी हो जाती हैं। मोटापा बढऩे के साथ ही शरीर में विटामिन 'डी' का स्तर कम होता जाता है, जो लोग मोटापे जैसी बीमारी से ग्रस्त है उन्हें विटामिन डी की कमी को पूरा करने के साथ-साथ मोटापे को भीकम करना चाहिए।

स्रोत : सूर्य के अलावा दूध,अंडे, चिकन,सोयाबीन और मछलियों में भी विटामिन 'डी' पाया जाता है। 

विटामिन 'ई'

विटामिन 'ई' शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनाने, एलर्जी से बचाए रखने, कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में प्रमुख भूमिका निभाता है। विटामिन  'ई' वसा में घुलनशील विटामिन है। यह एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में भी कार्य करता है। इसके आठ रूप होते हैं। इसकी कमी से जनन शक्ति में कमी आ जाती है। 

स्रोत : विटामिन  'ई' अंडे, सूखे मेवे, बादाम, अखरोट, सूरजमुखी के बीज, हरी पत्तेदार सब्जियां, शकरकंद, सरसों में पासा जाता है। इसके अलावा विटामिन 'ई' वनस्पति तेल, गेहूं, हरे साग, चना, जौ, खजूर,चावल के मांड़ में पाया जाता है।

विटामिन 'के'

विटामिन 'के' की कमी से शरीर में रक्त का थक्का बनना बंद हो जाता है। इसकी कमी से बचने के लिए फल अंकुरित चना, हरी सब्जियां खानी चाहिए।  

विटामिन हमारे शरीर के लिए बहुत उपयोगी हैं। सभी विटामिन का एक अपना अलग महत्व होता है और शरीर में इनकी कमी हो जाने से तरह तरह की बीमारियां भी हो सकती हैं। अगर शुरूआत से हरी सब्जियां, अंकुरित चने, दूध आपके आहार में हैं तो अलग से कोई दवा, कैप्सूल खाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और शरीर में विटामिन की आपूर्ति हो जाएगी।

- डॉ सुरभि जैन

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