समर्थ को आवास और गरीबों के झोपड़े

समर्थ को आवास और गरीबों के झोपड़ेगाँव कनेक्शन

इंदिरा आवास योजना: अपात्रों को फर्जी आईडी बनाकर दिए गये चेक, एक बीपीएल आईडी पर दो लोगों के नाम

मड़ावरा (ललितपुर)। जनपद के विकासखण्ड मड़ावरा के गाँवों में इन्दिरा आवास योजना आवंटन के नाम पर विभागीय कर्मचारियों ने चहेते लोगों को तो योजना का लाभ बांट दिया, वहीं पात्र झोपड़ों में रहने को मजबूर हैं।

विकासखंड मड़ावरा के ग्राम पिपरट में विकास कार्यों की पड़ताल के दौरान गाँव के निवासी अनुसूचित जाति के रमेश पुत्र दलुवा बरार से जब पूछा की उसको आवंटित इन्दिरा आवास के निर्माण कार्य की क्या प्रगति है, सवाल सुनकर अचरज से रमेश बोला, ''कैसो और कौन सो आवास साब...? हमें ना तो कौनऊ आवास मिले और ना कौनऊ पईसा...।’’

बता दें कि विकासखण्ड मड़ावरा की ग्राम पंचायत रखवारा में ग्राम रखवारा और ग्राम पिपरट वर्ष 2015-16 के लिये समग्र ग्राम चयनित किए गए हैं फिर भी जिला स्तरीय जिम्मेदार अधिकारी अपनी आंखे मूंदे बैठे हैं और योजनाओं के लाभ से वंचित गरीब ग्रामीण सरकार को कोस रहे हैं।

आवास योजना के बारे में और गहराई से पूछने पर पिपरट निवासी रमेश बरार ने बताया, ''लगभग आठ-नौ साल पहले उसकी पत्नी धनबाई के नाम से इन्दिरा आवास स्वीकृत हुआ था जिसमें भी उसे पूरा पैसा नहीं मिला और वह आवास आज भी अधूरा पड़ा है और उसका परिवार कच्चे मकान में रहने को मजबूर है।’’ उपजिलाधिकारी मड़ावरा एसकेपाल ने बताया, ''इस बावत ग्रामीणों द्वारा शिकायत मिलने पर मामले की जांच नायब तहसीलदार द्वारा करवायी जा रही है, शासन की जनहितकारी योजनाओं में अनियमिता मिलने पर कार्रवाई की जायेगी।’’

समग्र ग्राम रखवारा में जब इन्दिरा आवास आवंटन प्रक्रिया की और गहराई से छानबीन की गई तो भारी घालमेल उजागर हुआ, जिसमें मालूम हुआ कि गाँव की बीपीएल सूची में हेराफेरी कर अपात्र एवं बीपीएल सूची के बाहर के लोगों के नाम इन्दिरा आवास योजना से लाभान्वित किया गया है। जैसे ग्राम पिपरट निवासी रमेश पुत्र दलुवा बरार की बीपीएल आईडी 7946 है जिसपर वित्तीय वर्ष 2014-15 में ग्राम रखवारा निवासी पार्वती पत्नी रमेश का आवास बनाया गया। वहीं इसी वर्ष 2015-16 में उसी बीपीएल आईडी 7946 पर ही रखवारा निवासी प्रदीप पुत्र रमेश रजक के नाम वर्ष 2015-16 में इन्दिरा आवास योजना के अंतर्गत 35000 रुपए की प्रथम किश्त भी आवंटित कर दी गयी, जबकि लाभार्थी प्रदीप अविवाहित भी है। गाँव में इन्दिरा आवास आवंटन में हुए घालमेल को उजागर करने के लिए आरटीआई कार्यकर्ता रामेन्द्र सिंह ने विभाग से जनसूचना भी मांगी, लेकिन उसे अबतक कोई जानकारी नहीं दी गई। रामेन्द्र ने ग्राम्य विकास विभाग के कर्मचारी और अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए बताया, ''हजारों रुपये सुविधा शुल्क लेकर गाँव में गरीबों की बीपीएल आईडी पर पैसे वाले अपात्रों को इन्दिरा आवास आवंटित किए गए हैं।’’

इंदिरा आवास आवंटन में गड़बड़झाला

समग्र ग्राम रखवारा में इन्दिरा आवास योजना के नाम पर विभागीय कर्मचारियों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर एक ही बीपीएल आईडी पर दो अलग-अलग लोगों को योजना का लाभ दिया गया है। वहीं कुछ ऐसे भी लाभार्थी हैं जिनको जिस बीपीएल परिवार में दर्शाया गया है वह उस परिवार के सदस्य तक नहीं है। 

  1.  बीपीएल आईडी क्रमांक 8034 पर वर्ष 2014-15 में कुरिया पत्नी दुलीचन्द्र के नाम इन्दिरा आवास बन चुका है लेकिन सुविधा शुल्क लेकर वर्ष 2015-16 में उसी आईडी पर रामदेवी पत्नी लखन के नाम पर भी इन्दिरा आवास आवंटित कर दिया गया। 
  2.   बीपीएल सूची में क्रमांक 8086 पर परसादी पुत्र लटोरे का परिवार दर्ज है जबकि उसी आईडी पर कुंवरबाई पत्नी धर्मेंद्र के नाम इन्दिरा आवास स्वीकृत कर प्रथम किश्त भी उसके खाते में भेज दी गई है। 
  3.  पिपरट निवासी घूमनसिंह पुत्र भावसिंह लोधी की बीपीएल आईडी 7993 पर वित्तीय वर्ष 2013-14 में ग्राम रखवारा निवासी मानकुंवर पत्नी घूमन रजक के नाम से इन्दिरा आवास बना दिया गया। 
  4.  बीपीएल सूची में क्रमांक 8052 पर दर्ज नाम झुन्नी पुत्र गिरधारी अहिरवार निवासी रखवारा की बीपीएल आईडी पर मजलीबहू पत्नी दुर्गाप्रसाद रजक के नाम नियमों को ताक पर रखकर इन्दिरा आवास का लाभ दिया जा रहा है।
  5.  बीपीएल सूची में क्रमांक 8022 पर अंकित बृजलाल पुत्र हरप्रसाद जाति लुहार की बीपीएल आईडी पर जनकरानी पत्नी बृजलाल यादव को इन्दिरा आवास आवंटित कर दिया गया। 
  6.   बीपीएल सूची में क्रमांक 8103 पर दर्ज जुज्गे पुत्र गिरधारी अहिरवार की बीपीएल आईडी पर मझली बहू पत्नी जनक के नाम इन्दिरा आवास पिछले वित्तीय वर्ष में पूर्ण हो चुका है।
  7.  वित्तीय वर्ष 2015-16 में बीपीएल सूची में क्रमांक 8089 पर अंकित करतार पुत्र हम्मीर की पत्नी सुहागरानी के नाम इन्दिरा आवास स्वीकृत किया गया तो उसी वर्ष उसी बीपीएल आईडी पर बबीता पत्नी महेन्द्र को भी इन्दिरा आवास आवंटित कर दिया गया। 
  8. बीपीएल सूची में क्रमांक 8126 पर अंकित भगुन्ते पुत्र भरोसे अहिरवार की पत्नी नन्हीबहू पत्नी भगुन्ते के नाम वर्ष 2013-14 में आवास आवंटित किया गया जबकि उसी बीपीएल आईडी पर वित्तीय वर्ष 2015-16 में नन्हीबहू पत्नी हल्काईं निवासी रखवारा को भी इन्दिरा आवास स्वीकृत कर दिया गया।

ग्राम प्रधान को कोई जानकारी नहीं

समग्र ग्राम रखवारा में इन्दिरा आवास आवंटन में घालमेल के बावत तत्कालीन ग्रामप्रधान लक्ष्मन अहिरवार ने बताया, ''एक ही बीपीएल आईडी पर दो अलग-अलग परिवारों को इन्दिरा आवास कैसे आवंटित किये गये, इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है।’’

ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ने झाड़ा पल्ला

इस मामले में गाँव में तैनात ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अखिलेश राजपूत ने अपना पल्ला झाड़ते हुये गोल-मोल सा जबाव देते हुये बताया, ''राजनैतिक दखलअंदाजी गाँव के विकास कार्य में बाधा डालती है साथ ही अपने उच्चाधिकारियों के निर्देशों का भी पालन करना पड़ता है।’’

रिपोर्टर - इमरान खान

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