संतोष का बलिदान बेकार नहीं जाएगा: मुख्यमंत्री

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 जौनपुर।  मथुरा के जवाहर बाग काण्ड में शहीद हुए थानाध्यक्ष संतोष यादव के गाँव पहुंचकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को परिजनों को सांत्वना दी। इस दौरान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शहीद की पत्नी को नौकरी देने व बच्चों की शिक्षा-दीक्षा के साथ शासन से 50 लाख रुपए का चेक प्रदान किया। इस मौके पर मौजूद पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से जवाहर बाग काण्ड के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि संतोष का बलिदान बेकार नहीं जायेगा। घटना की जांच हो रही है, लेकिन सीबीआई जांच नहीं होगी। 

इसके पहले यादव लखनऊ से हेलीकॉप्टर से जौनपुर के महराजगंज क्षेत्र के केवटली गाँव पहुंचे। यहां से मुख्यमंत्री सीधे शहीद संतोष यादव के घर पहुंचे जहां उनकी पत्नी, बच्चों सहित परिवार के सभी सदस्यों से मिले और शोक संवेदना जताई। इसके साथ ही उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करके श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि संतोष का बलिदान बेकार नहीं जायेगा।

इस मौके पर मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि शहीद की पत्नी मिथिलेश को पुलिस विभाग में ग्रुप सी की नौकरी दी जाएगी। इसके साथ ही शहीद के बच्चे निखिल (10 वर्ष) व सुरैया (8 वर्ष) की पढ़ाई का खर्च भी सरकार उठायेगी। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर परिजन काफी संतुष्ट दिखे। इसके पहले मौसम खराब होने से एक बार फिर मुख्यमंत्री के न आने की चर्चा होती रही, लेकिन मुख्यमंत्री अपने तय समय से थोड़ी देर पहुंच गये। 

इस अवसर पर सूबे के काबीना मंत्री पारसनाथ यादव, राज्यमंत्री शैलेन्द्र यादव, जगदीश सोनकर, पूर्व मंत्री डॉ. केपी यादव, पूर्व मंत्री संगीता यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष राज बहादुर यादव, ललित यादव, कमिश्नर वाराणसी नीतिन रमेश गोकर्ण, आईजी जोन एसके भगत, डीआईजी डॉ. संजीव गुप्त उपस्थित रहे।

ये था मामला

दो जून को मथुरा के जवाहरबाग से अवैध कब्जेदारों को हटाने गये पुलिस और प्रशासनिक दल पर हुए हमले में मथुरा के पुलिस अधीक्षक (नगर) मुकुल द्विवेदी और फरह के थानाध्यक्ष संतोष यादव शहीद हो गये थे। इस काण्ड में कुल 29 लोगों की जान गयी थी। सरकार द्विवेदी की पत्नी को नौकरी और 50 लाख रुपए की सहायता पहले ही दे चुकी है।

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