रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक फोन कॉल, एसएमएस, और व्हाट्सऐप से नहीं कर पाएंगे चुनाव प्रचार

चुनाव में इस बार उम्मीदवार रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक संपर्क के साथ फोन कॉल, एसएमएस, व्हाट्सऐप और सोशल मीडिया दूसरे माध्यम से प्रचार नहीं कर सकेंगे।

रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक फोन कॉल, एसएमएस, और व्हाट्सऐप से नहीं कर पाएंगे चुनाव प्रचार

लखनऊ। देश में पांच राज्यों में अगले महीने विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। निष्पक्ष चुनाव हो इसलिए चुनाव आयोग ने तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। चुनाव में इस बार उम्मीदवार रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक संपर्क के साथ फोन कॉल, एसएमएस, व्हाट्सऐप और सोशल मीडिया दूसरे माध्यम से प्रचार नहीं कर सकेंगे।

निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में संशोधित दिशा-निर्देश जारी कर भविष्य में होने वाले चुनावों के लिए यह प्रतिबंध लागू किया है। इसके तहत चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद प्रतिदिन रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक की वह अवधि शामिल है जिसमें चुनाव प्रचार निषिद्ध होता है। राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, मिजोरम, तेलंगाना में चुनाव होने हैं।

आयोग ने इसके पीछे नागरिकों की निजता का सम्मान करने और सामान्य जनजीवन में अशांति या व्यवधान को रोकने को मुख्य वजह बताया है। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के हवाले से इस साल 20 अप्रैल को जारी निर्देश में संशोधन करते हुए यह व्यवस्था लागू की है। निर्देश में आयोग ने कहा ''नागरिकों की निजता का सम्मान करने और सामान्य जनजीवन में अशांति को कम करने के लिए ऐसा करना आवश्यक है।'' आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को इस निर्देश से सभी संबद्ध जिला निर्वाचन अधिकारियों, अन्य चुनाव अधिकारियों और सभी राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त एवं गैर मान्यता प्राप्त पंजीकृत राजनीतिक दलों को अवगत कराते हुए इसका पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

चुनाव आयोग ने सभी राज्यों में मुख्य चुनाव अधिकारियों को गत दिनों भेजे गए पत्र में यह बात कही है। पत्र में लिखा है कि आयोग ने 20 अप्रैल को जो पत्र लिखा था उसमें संशोधन कर यह जोड़ दिया गया है कि आदर्श चुनाव आचार संहिता लगने के बाद रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक घर-घर जाकर चुनाव प्रचार करने, एसएमएस करने या व्हाट्सएप कॉल करने पर रोक लगा दी गयी है, क्योंकि नागरिकों की निजता का सम्मान करना आवश्यक है ताकि उन्हें कोई परेशानी न हो।

आदेश का किया जाए पालन

गौरतलब है कि 18 जुलाई के उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद आयोग ने 26 सितंबर को चुनाव प्रचार के दौरान रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। आयोग ने राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारियों से कहा है कि वे सभी चुनाव अधिकारियों को सुनिश्चित करें कि इस आदेश का पालन किया जाये और उसकी रिपोर्ट भी भेजी जाये।

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