सपा और भाजपा के विधायकों का एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप

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लखनऊ (भाषा)। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 13 सीटों के लिए हुए मतदान में विभिन्न दलों के बीच हुई क्रासवोटिंग के अगले दिन आज राज्यसभा की 11 सीटों के लिए मतदान शुरु होने पर सपा और भाजपा के विधायकों में एक दूसरे पर तीखे आरोप प्रत्यारोप लगाये।

अपने भाई के साथ कल भाजपा के पक्ष में मतदान करने वाले सपा विधायक गुड्डू पंडित ने आरोप लगाया कि उन्हें और उनके भाई को जान से मारने की धमकी मिली है, जबकि भाजपा की विधायक कृष्णा पासवान का आरोप है कि उन्हें मतदान करने से रोका गया। 

गुड्डू पंडित के भाई मुकेश शर्मा ने कहा कि उन्होंने इस बारे में चुनाव आयोग से शिकायत की है। यह भी बताया कि उन्होंने काल रिकार्ड कर ली है। भाजपा विधायिका कृष्णा पासवान ने कहा कि उन्हें मतदान करने से रोका गया है, जबकि पार्टी के एक अन्य विधायक विजय बहादुर यादव ने सपा के पक्ष में मतदान करने का ऐलान किया। यादव ने कहा, ‘‘मैंने अखिलेश सरकार द्वारा कराए गए विकास के आधार पर सपा के पक्ष में वोट किया है और मैं किसी भी बलिदान के लिए तैयार हूं।''

अखिलेश सरकार में मंत्री अभिषेक मिश्रा ने पार्टी के सभी सातों उम्मीदवारों की जीत कर दावा किया है जबकि पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और वर्तमान में विधायक रीता बहुगुणा जोशी ने भरोसा जताया कि पार्टी के एकमात्र उम्मीदवार पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल की जीत सौ फीसदी निश्चित है।

चार सदस्यीय पीस पार्टी के अध्यक्ष मोहम्मद अयूब ने कहा कि पार्टी के सभी विधायक कांग्रेस को वोट देंगे और जो ऐसा नहीं करेगा उसके खिलाफ संविधान सम्मत कार्यवाही की जाएगी।

उत्तर प्रदेश में 11 सीटों के लिए सपा ने सात, बसपा ने दो, कांग्रेस और भाजपा ने एक-एक उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि प्रीति महापात्रा निर्दलीय के रुप में 12वीं उम्मीदवार हैं, जिनके कारण चुनाव की नौबत आयी है। चूंकि महापात्रा के प्रस्तावकों में भाजपा के भी 16 विधायक शामिल थे, राजनीतिक हलकों में अनाधिकारिक रुप से उन्हें भाजपा का ही दूसरा प्रत्याशी माना जा रहा है।

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