सफल नहीं हुई राजीव आवास योजना

सफल नहीं हुई राजीव आवास योजनागाँव कनेक्शन

इटावा। शहर की अति पिछड़ी बस्तियों के सुधार एवं मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के लिये शासन स्तर से आदेश तो जारी कर दिये गये लेकिन उन आदेशों का अभी तक पालन न होने से इन बस्तियों के निवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 

शासन ने राजीव आवास योजना को इस आशय के साथ प्रारंभ किया था ताकि शहरी क्षेत्र की उन बस्तियों का सुधार हो जाए, जहां मूलभूत सुविधा का अभाव है। दो साल पूर्व इस योजना के लिये 22 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भी भेजा गया था और धनराशि भी स्वीकृति होकर आ गई थी। निर्माणदायी संस्था सीएण्डडीएस को लाइनपार क्षेत्र के अड्डा पाय, तुलसी का अड्डा तथा ऊसरा का अड्डा का चयन करके वहां मूलभूत सुविधाएं मुहैया करानी थी। जब दो साल तक उपरोक्त बस्तियों में कार्य प्रारंभ नहीं हुआ, तभी शासन ने योजना का नाम बदल कर आवास योजना रख दिया। पुन: सीएण्डडीएस विभाग से प्रपोजल मांगा गया तो विभाग ने 26 करोड़ का प्रस्ताव भेज दिया। तुलसी अड्डा कॉलोनी के निवासी राजेंद्र कुमार बताते है, ''तीन साल से हम यहां रह रहे हैं। यहां पर पानी तक की व्यवस्था नहीं हैं। सड़कें और खरंजे जर्जर पड़े हैं।"

इसके साथ ही इन बस्तियों में नालियों की भी कोई व्यवस्था नहीं है। इस कारण से गलियों, सड़कों में गंदा पानी फैला रहता है। बदलते मौसम में इस कारण यहां पर संक्रामक बीमारियों का भी खतरा बहुत बढ़ गया है। तुलसी अड्डा कॉलोनी निवासी संजय त्रिपाठी बताते है, ''अखबारों से पता चला था कि करोड़ों रुपए बस्तियों को सही करने के लिए आए थे लेकिन हुआ तो आज तक कुछ नहीं। चारों तरफ गंदा पानी नाली का बहा करता है।" नगर पालिका अधिशासी अभियंता नीलम चौधरी से जब इस संबंध में जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। टीम भेजकर अव्यवस्थाओं को ठीक कराया जाएगा।

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