सरकारी अस्पताल ने लौटाया, सड़क पर दिया बच्चे को जन्म

सरकारी अस्पताल ने लौटाया, सड़क पर दिया बच्चे को जन्मgaonconnection

शामली। पश्चिमी यूपी के कांधला में एक गर्भवती महिला को सोमवार को सड़क पर ही बच्चे को सिर्फ इसलिए जन्म देना पड़ा, क्योंकि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कर्मियों ने प्रसव पीड़ा के बाद भी भर्ती नहीं किया। स्वास्थ्य कर्मियों ने महिला को औपचारिक जांच के बाद यह कहकर घर भेज दिया कि डिलिवरी में अभी तीन दिन हैं। 

कांधला के मोहल्ला ईदरिश बेग बिहार कालोनी में रहने वाली गुलशाना (35 वर्ष) को जब सोमवार को प्रसव पीड़ा शुरु हुई तो उसे क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के प्रसव केंद्र कर्मियों ने खानापूर्ति भरी जांच कर गुलशाना को भर्ती करने के बजाए घर जाने को कह दिया। 

गुलशाना की हालत गंभीर देखते हुए परिजनों ने उसे नगर के एक अन्य स्वास्थय केन्द्र में भर्ती कराने का निर्णय लिया, लेकिन छोटी नहर जाट कालोनी के निकट रास्ते में ही महिला की हालत अचानक बहुत खराब हो गई। ये देख आस-पास की महिलाएं वहां मदद के लिए आगे आईं। कुछ देर बाद वहीं सड़क पर ही गुलशाना ने बच्चे को जन्म दे दिया। 

भीड़-भाड़ वाली सड़क पर इस घटना से आहत दर्जनों लोग इकट्ठा थे। उन्होंने प्रशासन को इस बात की जानकारी दी। गुस्साए लोगों की शिकायतों और सोशल मीडिया पर यह खबर फैलने से हड़बड़ाए जिला चिकित्सा अधिकारी ने एंबुलेंस भेज गुलशाना को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही का यह पहला मामला नहीं था। लगभग पंद्रह दिन पहले भी ऐसे ही मामले में अस्पताल से लौटाई गई एक गर्भवती ने रास्ते में बच्चे को जन्म दिया था। अस्पताल प्रशासन पर कार्रवाई की मांग भी उठी थी लेकिन उसे तवज्जो नहीं दी गई।

रिपोर्टर - सुनील तनेजा

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top