सरकारी स्कूल में सूख रहे कंडे

सरकारी स्कूल में सूख रहे कंडेgaon connection

भावलखेडा (शाहजहांपुर)। जिला मुख्यालय से लगभग 20 किमी. दूर दक्षिण दिशा की ओर शाहजहांपुर-हरदोई मार्ग पर ग्रामसभा सेहरामऊ दक्षिणी में स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय जिसके नाम लगभग 100 बीघा जमीन दर्ज है, परन्तु भारी भ्रष्टाचार के चलते विद्यालय में छात्र-छात्राओं के लिए किसी तरह की कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं है। स्कूल की बाउन्ड्रीवाल टूटी पड़ी है, दरवाजे खुले पड़े हैं और विद्यालय की जमीन पर गाँव की औरतें कण्डा पांथने का काम करती हैं और उन्होंने विद्यालय की ही जमीन पर अपने कण्डों की बठिया लगा रखीं हैं। 

भ्रष्टाचार का एक जीता-जागता सबूत यह है कि सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक ने प्रधान के बिना किसी स्वीकृति व प्रस्ताव के खाते से पांच लाख साठ हजार रुपए निकालकर विद्यालय की पहले से बनी बाउन्ड्रीवाल को तुड़वाकर बुनियाद खुदवा दी तथा पुरानी निकली हुई ईटों से विद्यालय की बाउन्ड्रीवाल बनाने का काम शुरू कर दिया। सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक द्वारा किए जा रहे इस गलत कार्य की शिकायत गाँव सेहरामऊ दक्षिणी निवासी अनिल कुमार द्विवेदी ने सम्बन्धित अधिकारियों से की जिस पर खण्ड शिक्षा अधिकारी भावलखेड़ा से इस प्रकरण की जांच भी कराई गई। जांच रिपोर्ट में सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक अशोक व प्रधान द्वारा बिना किसी प्रस्ताव व स्वीकृति के पांच लाख साठ हजार रुपए के आहरण को पूर्ण रूप से गबन का मामला मानते हुए अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को सौंप दी।

अनिल द्विवेदी (40 वर्ष) ने बताया कि उक्त सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक इससे पूर्व में भी अपने सेवाकाल के समय में विद्यालय के धन की हेराफेरी कर चुके हैं जिसकी धोखाधड़ी का मामला पहले से ही न्यायालय में विचाराधीन है। इसके अलावा भी विद्यालय की कई अन्य सम्पत्तियां जैसे-कम्प्यूटर, कृषि यंत्र, खेल का सामान व एक कटा पड़ा काफी विशाल शीशम का पेड़ जो इस समय विद्यालय से उक्त सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक द्वारा गायब कर दिया गया है, जिसकी लिखित शिकायत करने के बावजूद अभी तक इस सम्बन्ध में कोई भी प्रभावी कार्यवाही उक्त के खिलाफ नहीं की गयी है। विद्यालय के पास लगभग 100 बीघा जमीन होते हुए भी छात्र-छात्राओं के लिए कोई भी उचित व्यवस्था नहीं है और न ही साफ-सफाई का ध्यान रखा जाता है। 

‘गाँव कनेक्शन‘ संवाददाता ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार से इस सम्बन्ध में बात की तो उन्होंने बताया कि उक्त प्रधानाध्यापक की पेंशन को रोक दिया गया है उसने सचिव परिषद, इलाहाबाद में अपील की हुई हैं वहां से जैसा निर्णय आयेगा उसके अनुसार अग्रिम कार्यवाही की जाएगी परन्तु दोषी ग्राम प्रधान के खिलाफ प्रशासन द्वारा कोई भी कार्यवाही अब तक नहीं की गयी है जिससे शिकायतकर्ता व गाँव वालों में भारी रोष व्याप्त है। 

रिपोर्टर : रमेश चन्द्र गुप्ता

Tags:    India 
Share it
Top