सरकारी स्कूलों में मनेगा बच्चों का जन्मदिन

सरकारी स्कूलों में मनेगा बच्चों का जन्मदिनगाँव कनेक्शन

लखनऊ/गोण्डा। सरकारी स्कूलों में बच्चों का रुझान पढ़ाई और स्कूल की ओर बढ़ाने के लिए सरकार ने नई पहल की है। अब सरकारी स्कूलों में बच्चों का जन्मदिन मनाया जाएगा और उस दिन स्कूल में मिड डे मील मेन्यू में कुछ मीठा भी शामिल किया जाएगा। 

गोण्डा जिले से लगभग 40 किमी दूर पंडरीकृपाल ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय इंदरापुर में बीते शनिवार को दो बच्चों का जन्मदिन मनाया गया। कक्षा तीन में पढ़ने वाले राघव (8 वर्ष) बताते हैं, ''स्कूल में सभी ने मेरे जन्मदिन पर मिठाई खाई। घर पर भी हमारा जन्मदिन कभी नहीं मनाया जाता था लेकिन सभी बच्चों ने हमारे लिए तालियां बजाईं और मेरे जो अच्छे दोस्त थे, उन्होंने मुझे गिफ्ट भी दिए।"

निजी और मिशनरी स्कूलों में बच्चों का जन्मदिन मनाने के परंपरा रही है, सरकारी स्कूलों में अभी तक ऐसा कोई नियम नहीं था लेकिन अब प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में भी बच्चों का जन्मदिन मनाया जाएगा। इस बारे में प्रधानाध्यक अमित सिंह बताते हैं, ''हर महीने के तीसरे शनिवार को उस माह में जितने बच्चों का जन्मदिन हुआ होगा, उनका एक साथ सामूहिक बर्थ-डे मनाया जाएगा। इस तरह बच्चों को भी अच्छा लगेगा और उस दिन सभी बच्चे स्कूल भी आएंगे।"

देशभर में शैक्षिक गणना करने वाली संस्था राष्ट्रीय शैक्षिक प्रबंधन सूचना प्रणाली डीआईएसई की रिपोर्ट 2013-14 के अनुसार उत्तर प्रदेश में प्राइमरी स्कूलों की संख्या 1,53,220 हैं और माध्यमिक स्कूलों की संख्या 31,624 है। छात्रों को स्कूल आने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए स्कूल में बच्चों का जन्मदिन मनाने का ये नियम लागू किया गया है। स्कूल में बच्चों को प्रार्थना के बाद में जन्मदिन की शुभकामनाएं दी जाएगीं। इस तरह छात्रों में स्कूल आने के प्रति उत्साह भी पैदा होगा। ये एक अच्छा प्रयास होगा, इससे बच्चों को उनका जन्मदिन भी याद रहेगा जो अभी ज्यादातर नहीं होता है। 

लखनऊ जिले के सरोजनीनगर ब्लॉक के समदा खेड़ा प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक रामकुमार बताते हैं, ''इस विद्यालय को स्कूर्टस इंडिया ने गोद ले रखा है। शनिवार को यहां आठ बच्चों का जन्मदिन मनाया गया था। स्कूल को बच्चों ने सजाया और जिन बच्चों का जन्मदिन था, उन्होंने एक साथ केक भी काटा। ये सब सुबह की प्रार्थना के बाद होता है।" इस बारे में बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण मणि त्रिपाठी बताते हैं, ''ये सब प्रयास बच्चों को स्कूल और पढ़ाई के प्रति रुझान बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। इस दिन उन्हें मिड डे मील में मीटा जैसे खीर, हलवा मिलेगा। इससे स्कूल के माहौल में भी बदलाव होगा और उन्हें कुछ रोचकता दिखेगी।"

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