स्वयं प्रोजेक्ट के तहत 230 छात्र-छात्राओं का चेकअप कर टीम ने बांटी दवाएं

स्वयं प्रोजेक्ट के तहत 230 छात्र-छात्राओं का चेकअप कर टीम ने बांटी दवाएंमदरसे में बच्चों का पंजीकरण करती डाॅक्टरों की टीम।

अजय मिश्र, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

छिबरामऊ/कन्नौज। जिला मुख्यालय से करीब 45 किमी दूर स्थित मदरसा मेहरबानुल उलूम एजूकेशन सेंटर नई बस्ती छिबरामऊ में ‘गांव कनेक्शन-फाउंडेशन‘ के ‘स्वयं प्रोजेक्ट‘ के तहत हेल्थ कैंप लगाया गया। इसमें छात्राओं ने बढ़ती उम्र में आने वाले शरीर में बदलाव और दिक्कतों को महिला डाॅक्टर से साझा किया।

सोमवार को ब्लाॅक छिबरामऊ से आरबीएसके की टीम मदरसा में पहुंची। यहां डाॅ. प्रशांत दीक्षित, डाॅ. विवेक, डाॅ. अर्चना त्रिपाठी और डाॅ. रजनीलता ने बच्चों का गहनता से परीक्षण किया। टीम में शामिल युवराज सिंह, पवन त्रिपाठी, मधु और अनिल ने बच्चों का वजन कर रिकार्ड व्यवस्थित किया।

नौनिहालों की लंबाई नापते स्वास्थ्यकर्मी।

डाॅ. दीक्षित ने बताया कि 230 बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया है। इसमें फिजा, गौसिया, अनस, साजिया, तुमबुल, फजलेरजा, गुडिया, फैजान, फैसल, रानी अंसारी, इरम और अरमान खां के दांतों, स्कीन आदि में दिक्कत अधिक निकली। इस वजह से रेफर किया गया है। कक्षावार बच्चों का चेकअप किया गया है।

छात्रा की परेशानी पूछतीं महिला डाॅक्टर।

प्रधानाचार्य शबीना खान ने बताया कि उनके यहां पहली बार डाॅक्टरों की टीम पहुंची है। वह तथा उनका पूरा स्टाफ खुश हैं। बच्चों को भी अच्छा लग रहा है कि उनके मदरसे में हेल्थ कैंप लगा है। प्रबंधक मोहम्मद जमील ने बताया कि डाॅक्टरों की टीम नें आंखों की जांच, दांतों की जांच, वजन आदि किया। उसके बाद दांतों में कीड़ों हटाने वाली दवा, स्कीन की दवा, आई ड्राप और आयरन की गोली बांट गए हैं।

छात्र के स्वास्थ्य की जानकारी लेते डाॅक्टर।

कुछ बच्चे ज्यादा गंभीर थे, उनके कार्ड बनाकर दे गए हैं। ऐसे बच्चों को अस्पताल में बुलाया गया है, ताकि उनका सही ढंग से उपचार हो सके। प्रबंधक ने बताया कि 70 किशोरियों ने भी महिला डाॅक्टर से अलग कक्ष में अपनी परेशानियां और झिझक दूर की। उन्होंने गांव कनेक्शन टीम को धन्यवाद भी दिया।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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