महिलाएं बोलीं, सड़क पर हम बेखौफ निकल सकें

महिलाएं बोलीं, सड़क पर हम बेखौफ निकल सकेंएंटी रोमियो स्क्वॉयड के बावजूद महिलाओं को है शिकायत।

स्वयं प्रोजेक्ट टीम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नई सरकार आते ही सीएम आदित्यनाथ योगी ने एंटी रोमियो स्क्वायड को तैयार कर दिया ताकि सार्वजनिक स्थानों पर छेड़छाड़ की घटनाओं को रोका जा सके। इसके बावजूद अभी भी महिलाऐं अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।

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गांव कनेक्शन ने 12 जिलों में महिलाओं से इस संबंध में बात की कि उनकी नई सरकार से क्या अपेक्षा है तो अधिकतर महिलाओं ने सुरक्षा को लेकर उचित प्रबंध करने की बात कही। कानपुर की रहने वाली निहारिका गुप्ता (40 वर्ष) बताती हैँ, “आज के समय में महिलाऐं समाज के हर क्षेत्र में बराबर से भागीदारी निभा रहीं हैं। नई सरकार अगर हमको सुरक्षा उपलब्ध करवा सके तो बहुत बेहतर होगा। सुरक्षा का एक ऐसा माहौल बनाना चाहिए कि किसी भी समय कहीं भी किसी भी सड़क पर हम बेख़ौफ़ निकल सकें।”

नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो की 2015 की रिपोर्ट में बताया है कि पिछले साल 34 हजार से भी अधिक दुष्कर्म के मामले दर्ज किेए गए। बाराबंकी जिले की आवास विकास कालोनी में रहने वाली क्षमा सिंह (28 वर्ष) का कहना है, “महिलाओं की सुरक्षा की ओर अधिक ध्यान दिया जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं से हो रहे भेदभाव को खत्म किया जाए। ”एनसीआरबी की ताजा रिपोर्ट बताती है कि देश के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दुष्कर्म की 34,651 वारदातें हुई हैं। इसी अवधि में महाराष्ट्र में 4,144, राजस्थान में 3,644, उत्तर प्रदेश में 3,025 दुष्कर्म के मामले दर्ज किए गए।

शाहजहांपुर जिले की आरती बाजपेई (29 वर्ष) बताती हैं, “आज भी गांव और शहरों में महिलाऐं सुरक्षित नहीं हैं। नई सरकार को सबसे पहले महिलाओं की सुरक्षा का लेकर कदम उठाना चाहिए।” एनसीआरबी के अनुसार देश में महिला यौन उत्पीड़न के कुल 1,30,195 मामले दर्ज किए गए हैं। कानपुर देहात की रहने वाली कोमल (21 वर्ष) नई सरकाए से चाहती हैँ, “अगर सरकार हमारे लिए रोजगार ना भी दे पर हमारी सुरक्षा और सम्मान घर और बाहर दोनों जगह देने की कोशिश करे।” सोनभद्र के दुद्धी ब्लॉक के रजखड़ गाँव निवासी विमला देवी (52 वर्ष) ने बताया, “हमारे बच्चे पॉलीटेक्निक कर चुके हैं। उन्हें सरकार रोजगार दे।”

औरैया शहर की रहने वाली रेशमा बेगम (38 वर्ष) बताती हैँ, “नई सरकार गरीबों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए योजना लाए। महिलाओं की सुरक्षा का खास ध्यान रखा जाए।” उन्नाव शहर की रहने वाली स्नेहिल पांडे (29 वर्ष) बताती हैँ, “महिलाओं की शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए। बेहतर शिक्षकों की भर्ती और अनावश्यक दखल को खत्म करें बेटियों को घर के बाहर घर भी जैसा माहौल मिलना चाहिए।” बरेली जिले के चठिया गांव की रीना राठौर (28 वर्ष) बताती हैं, “योगी सरकार को ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार के लिए बिना ब्याज का लोन देना चाहिए, जिससे भूमिहीन और निर्धन महिलाऐं अपना परिवार चला सकें।”

मेरठ के हस्तिनापुर ब्लॉक के भांडोरा ग्राम पंचायत में रहने वाली दया (32 वर्ष) बताती हैं, “हमारे पास रहने तक घर भी नहीं है। हम परिवार के साथ झोपड़ी बना कर रहते हैं। तेज हवाओं में हम खाना तक नहीं बनाते आग लगने का डर बना रहता है। हमारे जैसे गरीब परिवारों के लिए सरकार कम से कम एक कमरा ही बना दे।”

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