इस भवन की वजह से पशुचिकित्सालय के डॉक्टर ही न हो जाएँ चोटिल

इस भवन की वजह से पशुचिकित्सालय के डॉक्टर ही न हो जाएँ चोटिलइस पशुचिकित्सालय का भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

उन्नाव। सोहरामऊ कस्बा स्थित पशुचिकित्सालय बदहाली के दौर से गुजर रहा है। पशुचिकित्सालय का भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। ऐसे में यहां चिकित्सक व अन्य स्टाफ बैठने से कतराता है। भवन की हालत यह है कि कब छत नीचे आ गिरे कुछ कहा नहीं जा सकता।

रह -रह कर छत का प्लास्टर टूटकर नीचे गिरता रहता है, जिसकी चपेट में आकर कई दफा पशु मालिक भी घायल हो चुके हैं। यहीं नहीं अस्पताल के साथ ही पशुचिकित्सालय के स्टाफ के रहने के लिए बनाए गए भवन भी जर्जर हो चुके हैं। जिससे स्टाफ यहां रुकता नहीं। ऐसे में आपातकालीन स्थिति में पशु मालिकों की मुसीबतें और बढ़ जाती हैं।

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सोहरामऊ कस्बे का पशुचिकित्सालय बड़े ही जर्जर भवन मे संचालित हो रहा है। इस भवन में जगह-जगह पर प्लास्टर टूटकर गिरता रहता है। जिससे डॉक्टर उसके नीचे बैठने में डरते हैं। कस्बे के सुभाष गुप्ता अपनी बीमार भैंस का इलाज कराने पशु चिकित्सालय आए थे। तभी भवन की छत से टूट कर गिरे प्लास्टर की चपेट मे आकर वह घायल हो गए। सुभाष ने बताया, “दस किलोमीटर के दायरे में कोई अन्य पशु चिकित्सालय नहीं है। ऐसे में यहां आना उनकी मजबूरी है। उनके साथ ही क्षेत्र के अन्य पशुपालक अपने पशुओं का इलाज कराने यहीं आते हैं। ऐसे में उन्हे हर समय हादसे का डर बना रहता है।”

अस्पताल के भवन के साथ ही यहां के स्टाफ के लिए रहने के लिए बनाए गए आवास के हाल भी अच्छे नहीं है। यहां तैनात डॉक्टर धनेश कुमार ने बताया, “भवन की हालत बहुत ही कंडम है। बरसात के मौसम में इसमें बैठा नहीं जा सकता। जर्जर भवन की हालत से वह कई बार अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।”

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