अप्रैल में नये शैक्षिक सत्र की शुरुआत स्कूलों के लिए बड़ी चुनौती

अप्रैल में नये शैक्षिक सत्र की शुरुआत स्कूलों के लिए बड़ी चुनौतीस्कूलों के लिए इस बार एक अप्रैल से नये शैक्षिक सत्र की शुरुआत करना बड़ी चुनौती होगी।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। स्कूलों के लिए इस बार एक अप्रैल से नये शैक्षिक सत्र की शुरुआत करना बड़ी चुनौती होगी। चुनाव के चलते लगभग एक माह देर से शुरू होने वाली बोर्ड की परीक्षाएं अप्रैल माह के तीसरे सप्ताह तक खत्म होंगी। ऐसे में इस बार का नया शैक्षिक सत्र शिक्षकों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है।

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पिछले लगभग तीन वर्षों से यूपी, आईसीएसई और सीबीएसई की परीक्षाएं फरवरी माह से शुरू हो जाती थीं, जो मार्च अंत तक समाप्त होती थीं। इससे पहले कक्षा नौ तक की होने वाली गृह परीक्षाओं को भी सम्पन्न करवा लिया जाता था। जिससे नये शैक्षिक सत्र को एक अप्रैल से शुरू करने में कोई दिक्कत सामने नहीं आती थी। लेकिन इस बार लगभग सभी प्राइवेट स्कूलों के लिए यह एक चुनौती होगी। हालांकि सरकारी स्कूलों में शैक्षिक सत्र की शुरुआत अप्रैल में होना मात्र एक औपचारिकता निभाना ही रहा है।

सेंट जेवियर्स इंटर कॉलेज की निदेशक अर्जुमंद जैदी कहती हैं, “इस बार एक अप्रैल से शैक्षिक सत्र की शुरुआत हो जाये, इसके लिए काफी तैयारियां करनी हैं। यह बहुत बड़ी चुनौती है। काफी परेशानियां भी सामने आयेंगी। मेरे एक स्कूल की ब्रांच आईसीएसई बोर्ड से है और बाकी तीन यूपी बोर्ड से। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 16 और आईसीएसई बोर्ड की 10 मार्च से शुरू होंगी। इसी बीच कक्षा नौ तक की वार्षिक परीक्षाएं भी करवाना है और दाखिलों के साथ सत्र की शुरुआत भी करनी है जो काफी चुनौती भरा काम होगा।”

सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं 9 मार्च से शुरू होंगी और यूपी बोर्ड की 16 मार्च से। यह परीक्षाएं अप्रैल महीने के लगभग अंतिम दिनों में समाप्त होंगी। इन परीक्षाओं के चलते स्कूल में बच्चों के दाखिलों का दौर भी जारी रहेगा। और इसके बाद स्कूल का नया शैक्षिक सत्र भी एक अप्रैल से शुरू करना होगा।
अनिल अग्रवाल, निदेशक, सेंट जोसेफ इंटर कॉलेज

अनिल अग्रवाल कहते हैं, “ऐसे में दिक्कत यह है कि जब अप्रैल के महीने में बोर्ड परीक्षाएं जारी रहेंगी तो शैक्षिक सत्र की शुरुआत करना आसान नहीं होगा। लेकिन इसके लिए शिक्षकों को निर्देश दिये जा रहे हैं और यह कोशिश की जा रही है कि बिना किसी परेशानी के बोर्ड परीक्षाओं के साथ नये सत्र की शुरुआत की जा सके।”

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