आशा ज्योति केंद्र की पहल से मां को मिला बच्चा 

आशा ज्योति केंद्र की पहल से मां को मिला बच्चा कन्नौज में अपने बच्चे के साथ पीड़िता और एजेके की टीम।

आभा मिश्रा, स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

कन्नौज। आपकी सखी रानी लक्ष्मी बाई आशा ज्योति केंद्र की पहल से पीड़िता को उसका दो साल का बच्चा मिल गया। पुलिस ने पति को हिदायत दी गई कि अगर दोबारा बच्चा उठाया तो जेल जाना होगा।

संरक्षण अधिकारी विजय राठौर ने बताया, ‘‘कन्नौज के नई बस्ती निवासी करीब 25 साल की सुरबत बानो ने 15 जून को आशा ज्योति केंद्र में शिकायती पत्र दिया था कि उनका पति रियाज मोहम्मद निवासी हरदोई दो साल के बेटे अब्दुल रहमान को कुछ दिन पहले मायके से ले गया है।’’

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विजय राठौर आगे बताते हैं, ‘‘महिला ने आरोप लगाया कि उसका पति शादी के बाद मारपीट और नशा करता है। इससे परिवार में क्लेश होता है। शिकायती पत्र मिलने के बाद आशा ज्योति केंद्र की टीम ने रियाज से फोन पर वार्ता की, तो टालमटोल किया। बाद में अपना नंबर बंद कर लिया।’’

कन्नौज के जिला प्रोबेशन अधिकारी पवन सिंह को दी गई। उन्होंने पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई करने की बात कही। इसी के तहत सुरबत को लेकर आशा ज्योति केंद्र की टीम रेस्क्यू वैन से हरदोई पहुंची। पुलिस के सहयोग से बच्चा ले लिया गया। साथ ही हिदायत भी दी थी कि अगर दोबारा ऐसा प्रयास किया तो मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।

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पवन सिंह ने बताया, ‘‘जब एजेके की टीम ग्राम आदमपुर थाना सांडी जिला हरदोई पहुंची तो गाँव का मामला होने की वजह से विरोध भी हुआ, लेकिन प्रधान और पुलिस के सहयोग से मामला निपट गया। बच्चा महिला के सुपुर्द कर दिया गया है। बच्चा पाकर पीड़िता बहुत खुष है। उसका विवाह चार साल पहले हुआ था।’’

संरक्षण अधिकारी बताते हैं, ‘‘10 साल तक का बच्चा अपनी मां के पास रहता है। उसके बाद कोर्ट फैसला करता है कि बच्चा कहां रहेगा। बच्चे से भी पूछा जाता है कि वह किसके पास रहना पसंद करेगा।’’

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