बस चली तो ग्रामीणों के खिले चेहरे, छात्राओं ने कहा अब हमें धक्का नहीं सहना पड़ेगा
गाँव कनेक्शन 24 May 2017 1:38 PM GMT

लोकेश मंडल शुक्ला, स्वयं कम्युनिटी जनर्लिस्ट
बछरावां (बाराबंकी)। “ओसाह से बछरावां जीजीआईसी 15 किलोमीटर साइकिल चलाकर आती थी। इतनी दूर साइकिल चालने से इतना थक जाती थी कि पढ़ने का मन ही नहीं करता था। लेकिन अब हम सुकून से कॉलेज आ सकती हैं।” ये कहना है 17 वर्षीय छात्रा कोमल का।
मौका था हाल ही में इलाहाबाद -लखनऊ राज्य मार्ग पर स्थित बछरावां विधानसभा के विधायक रामनरेश रावत द्वारा क्षेत्र के ओसाह चौराहे से बसों के उद्घाटन का। यहां एक नए बस स्टैंड का उद्घाटन भी किया गया। छात्राएं बताती हैं कि यूं तो इस मार्ग पर पहले भी कई साधन चलते थे, लेकिन वह साधन डग्गामारी ही होते थे। एक-एक टेम्पो में मानक से ज्यादा सवारी बैठाये जाते थे। ऐसे में महिलाओं को और छात्राओं के साथ अक्सर अभद्रता हो जाती थी।
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परिवहन विभाग को मिले थे आदेश
क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से क्षेत्र में बस चलवाने की मांग किए जाने के बाद सरकार ने परिवहन विभाग को इस संबंध में निर्देशित किया था। इसी के तहत रायबरेली से महाराजगंज और ओसाह, असहन, जगतपुर से बछरावां होते हुए लखनऊ को जाने वाली एक बस इस मार्ग पर चलवायी गई है। बस सेवा शुरू होने से ओसाह, रानीखेड़ा, टीलेण्ड व अन्य गाँवों के यात्रियों को काफी राहत मिली है।
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ओसाह गाँव की रहने वाली मालती (36) बताती हैं, “अब तो हम को, जो टैंपू और टैक्सी में धक्के नहीं सहने पड़ेंगे। मनमाने किराए से भी छुट्टी मिल जाएगी। कम समय तथा कम पैसे में ग्रामीण अब राजधानी लखनऊ तक की यात्रा सहज कर सकेंगे।।”
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वहीं 12 वीं की छात्रा संभावी बताती हैं, “अब हम लोगों को आठ किलोमीटर साइकिल चलाकर स्कूल नहीं आना पड़ेगा। हम बस से स्कूल जाएंगे।”
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