नोटबंदीः मरीज़ों के लिए रायबरेली के डीएम की पहल, इलाज में 25 फीसदी छूट, लगेंगी स्वाइप मशीनें

नोटबंदीः मरीज़ों के लिए रायबरेली के डीएम की पहल, इलाज में 25 फीसदी छूट, लगेंगी स्वाइप मशीनेंडीएम के आदेश पर जिले में मरीज़ों के इलाज पर मिलेगी 25 प्रतिशत छूट।

रायबरेली। जिले में 500 रुपए और 1000 रुपए की नोटबंदी के कारण सरकारी अस्पतालों व प्राइवेट नर्सिंगहोंम में आए मरीज़ों को हो रही परेशानी है। इस समस्या को खत्म करने के लिए रायबरेली जिले के डीएम अनुज कुमार झा ने ठोस कदम उठाते हुए जिले के प्राइवेट अस्पतालों, नर्सिंगहोंम, जिला महिला व पुरुष चिकित्सालयों पर मरीज़ द्वारा कराए गए इलाज के कुल खर्चे का 25 प्रतिशत माफ करने का आदेश दिया है।

प्रधानमंत्री के नोट बंदी के आदेश से जनता को ना घबराने की बात कहते हुए डीएम अनुज झा ने गाँव कनेक्शन को बताया,'' नोटो के बंद हो जाने से अस्पतालों में लोगों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है। ऐसे में हमने सीएमओ सहित जिले के कुछ डॉक्टरों और मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों के साथ मिलकर यह तय किया है कि अस्पताल आए मरीज के इलाज पर उसे प्रशासन की ओर से इलाज की कुल फीस पर 25 प्रतिशत की छूट मिले।''

अनुज झा, जिलाधिकारी, रायबरेली

लोगों को इस सुविधा के अलावा डीएम के आदेश पर अब जो मरीज़ नए नोट व पुराने 100, 50,10 के नोट चिकित्सीय फीस के लिए लेकर आते हैं, उन्हे भी यह छूट दी जाएगी। इसके अलावा प्राइवेट अस्पतालों में भी आए किसी भी मरीज को वापस नहीं किया जाएगा, उसका इलाज करना होगा।तहसील स्तर पर मुफ्त स्वास्थ्य कैंप भी हर शनिवार को लगवाया जाएगा, जिसमें स्थानीय सीएचसी के डॉक्टर शामिल होंगे।

ज़्यादा से ज़्यादा मरीज़ो को सुविधा मिल सके, इसके लिए हमने यह तय किया है कि,जो स्पेशलिस्ट जिला चिकित्सालय में उप्लब्ध नहीं है, उन्हें भी सप्ताह में एक बार अपनी क्लीनिक पर आ रहे मरीज़ों को मुफ्त परामर्श देना होगा।
अनुज झा, जिलाधिकारी, रायबरेली

लोगों की मदद करने के लिए जिला प्रशासन ने जिले के बैंकों से कहा है कि वो मरीज़ द्वारा दिखाए गए अस्पताल के पर्चे पर उसकी वरीयता के आधार पर अलग लाइन लगवाकर कैश उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके अलावा ज़्यादा से ज़्यादा प्राइवेट अस्पतालों को कार्ड स्वाइपिंग मशीन लगवाने के आदेश दिए गए हैं, जिससे मरीज़ों के भुगतान में आसानी हो सके।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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