सावधान, आया डेंगू मलेरिया का मौसम 

Sundar ChandelSundar Chandel   11 July 2017 12:34 PM GMT

सावधान, आया डेंगू मलेरिया का मौसम गंदगी से फ़ैल रही बीमारियां

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

मेरठ। बारिश के बाद प्रदूशित पानी से होने वाली बीमारियां औैर मच्छरों का प्रकोप बढने लगा है। सरकारी व प्राइवेट डाक्टरों की ओपीडी में वायरल इंफेक्शन समेत मलेरिया डेंगू की संभावना वाले मरीज लगातार पहुंच रहे हैं। हालांकि अभी तक स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में किसी भी डेंगू के मरीज की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मलेरिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ रही है। रोजाना अस्पतालों में ओपीडी के लिए दो हजार से ज्यादा मरीज आ रहे हैं।

जिला अस्पताल रिकार्ड के अनुसार पिछले एक सप्ताह से लगातार बाल रोग विभाग की ओपीडी बढ़ती जा रही है। डाक्टरों के अनुसार इस समय मलेरिया और डेंगू से सावधान रहने की जरुरत है। खासतौर से बच्चों को मच्छरों बचाना अति आवश्यक है। मेरठ पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री सिदार्ध नाथ सिंह ने सभी पीएचसी और सीएचसी में पांच-पांच बेड डेंगू के मरीजों के लिए रिजर्व रखने को कहा है। वहीं जिला अस्पताल और मेडिकल कालेज में दस-दस बेड कराए गए हैं।

डाक्टर नितेश कुमार बताते हैं, “बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव है। खासकर मलीन बस्तियों व देहात में स्थिति बद से बदतर है। इसी पानी में मलेरिया का लार्वा पनप रहा है। इन दिनों में गंदे पानी में मच्छरों का लार्वा पनत ही जाता है।”

बाल रोग विषेशज्ञ डा. नवरत्न बताते हैं, “बच्चों को पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाकर रखें, ताकि मच्छरों के हमले से बचा जा सके। घर में पानी एकत्र न होने दें, मच्छरदानी का प्रयोग करें। मलेरिया का पूरा कोर्स करें, दवाइयां बीच में न छोड़े, बार-बार पसीने आना, बदन का टूटना आदि मलेरिया के लक्षण हैं। जितना हो सके बड़े और बच्चे ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं।”

मिट्टी का तेल नहीं, कैसे हो फागिंग

जिला मलेरिया विभाग ने मिट्टी का तेल न होने के चलते फागिंग करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डा. वीके गुप्ता बताते हैं, “बाजार में मिट्टी का तेल नहीं है। डीएसओ से कई बार पत्र के माध्यम से मिट्टी के तेल की मांग की जा चुकी है, फागिंग के लिए हर माह लगभग 200 लीटर मिट्टी के तेल की आवश्यकता होती है।”

चीफ मेडिकल आफिसर डा. रामकुमार वर्मा बताते हैं, “मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए कार्य योजना तैयार है। मलेरिया टीम को तत्काल एंटी लार्वा फागिंग करने के निर्देष दिए गए हैं। थानों में खड़े कंडम वाहनों को हटाने के लिए कहा गया है, क्योंकि उनमें मच्छर पनपते हैं। देहात के लिए अलग से टीम का गठन कर दिया गया है।”

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