बदले मौसम से सब्जियों को हो रहा नुकसान

Devanshu Mani TiwariDevanshu Mani Tiwari   12 Feb 2017 1:23 PM GMT

बदले मौसम से सब्जियों को हो रहा नुकसानबीते वर्ष सामान्य मानसून और अब बदलते मौसम के कारण खेतों में नमी होने से मौसम रबी फसलों के लिए अनुकूल हो रहा है।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

सुल्तानपुर। बीते वर्ष सामान्य मानसून और अब बदलते मौसम के कारण खेतों में नमी होने से मौसम रबी फसलों के लिए अनुकूल हो रहा है। इससे गेहूं, चना उगाने वाले किसानों को अच्छी पैदावार मिलने की संभावना है। हालांकि सब्जियों को एकाएक बदल रहे मौसम से खतरा है।

सुल्तानपुर जिले के दोस्तपुर गाँव के किसान राम बिहारी गुप्ता (51 वर्ष) बताते हैं, “इस समय मौसम ना तो ज्यादा ठंडा है और न गर्म। इससे फसल में कीट व रोगों का प्रकोप नहीं फैलता और खेतों में नमी ज्यादा समय के लिए रहती है, जिससे गेहूं अच्छा फला है।”

जिला कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक जिले में चालू रबी सीजन में 1,30,000 हेक्टेयर फसल की बुवाई हुई है। इसमें सर्वाधिक गेहूं 65,000 हेक्टेयर जबकि 32,000 हेक्टेयर सरसों और 15,000 हेक्टेयर क्षेत्र में चने की बुवाई की गई है।

इस समय किसान अपनी फसल में खाद वा नाइट्रोजन का इस्तेमाल अधिक कर रहा है। एका एक ठंड बढ़ने की वजह से सब्जियों को नुकसान होता है, इसलिए सब्जी की खेती कर रहे किसानों को फसल की नियमित देखभाल करनी ज़रूरी है। ठंड बढ़ने से सब्जियों के पौधे खराब होने के लक्षण दिखाई दे, तो किसी कृषि विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही दवा का छिड़काव करें।
सुधांशु शेखर सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र सुल्तानपुर के वैज्ञानिक

जिले में रबी फसलों की पैदावार अच्छी होने की बात कहते हुए जिला कृषि अधिकारी विनय वर्मा बताते हैं, “बीते कुछ दिनों से मौसम रबी फसलों के मुताबिक है। रात में ठंड बढ़ जाती है, जो गेहूं और चना जैसी फसलों के लिए फायदेमंद है आने वाले समय में मौसम अगर ऐसा ही बना रहा, तो किसानों को बहुत लाभ होगा।”

सामान्य मौसम की वजह से जहां गेहूं और चना जैसी फसलों को लाभ मिला है, तो रात में ठंड बढ़ने से मिर्च, बैगन और टमाटर जैसी सब्जियों को नुकसान हो रहा है। जिले के लंभुआ ब्लॉक में सूरज भान पट्टी गाँव में टमाटर की खेती कर रहे भोलानाथ (53 वर्ष) ने बताया “आज-कल टमाटर के फल में कला दाग बहुत हो रहा है। हमने दो बार मेटालोक्सिन दवा का छिड़काव भी कर चुके हैं। पर यह रोग कम नहीं हो रहा है।”

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