सब्जी आढ़तियों का पैसा फंसा, मुश्किल में किसान

सब्जी आढ़तियों का पैसा फंसा, मुश्किल में किसानचुनाव के दौरान उड़न दस्ते की चेकिंग में आढ़तियों की रकम सीज होने से बढ़ी मुश्किलें।

हरी नारायण शुक्ला, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

गोंडा। चुनाव में नकदी की जांच के लिए बनाई गई उड़न दस्ते की चेकिंग के दौरान जिले के सब्जी मंडी के आढ़तियों की नकदी पकड़े जाने से किसान परेशान हैं। इसका असर यह है कि जालौन, रूद्रपुर, पूरनपुर और बरेली के बड़े किसान यहां माल लाने में हिचकिचा रहे हैं। ऐसे में मंडी मंदी के दौर से गुजर रही है।

इस बारे में व्यापारियों के ब्यौरा देने के बावजूद दस दिन बाद भी पैसा प्रशासन ने वापस नहीं किया, जिससे पैसा पाने वाले किसानों के सामने बड़ी समस्या है। असल में मंडल मुख्यालय स्थित उतरौला रोड पर नवीन फल एवं सब्जी मंडी है, जहां पर जालौन, सितरगंज, बरेली, रूद्रपुर और पूना से मटर, प्याज, आलू, शिमला मिर्च आदि सब्जियां ट्रक से आती हैं, जो समूचे जिले के साथ बलरामपुर को भी आपूर्ति की जाती है। यह सब्जी आढ़ती बोली बोलकर लेते हैं और इसके बाद से गाँव के दूर अंचल में भेजते हैं, जिनसे पैसा दूसरे या तीसरे दिन नकद मंगाया जाता है। मंडी में सब्जी और फल का व्यवसाय शत प्रतिशत नकद है।

चेकिंग का मकसद किसी को परेशान करने का नहीं है। आढ़ती हो या किसान, किसी के साथ अन्याय नहीं होने पाएगा। उड़न दस्ते को निर्देश दिया गया है कि जनहित की अनदेखी न की जाए।
आशुतोष निरंजन, जिला निर्वाचन अधिकारी

केस नंबर एक: 19 जनवरी को चुनाव में नकदी की जांच के लिए गठित उड़न दस्ते के प्रभारी वीपी सिंह ने गोंडा उतरौला मार्ग पर गाड़ी को सुहेलवा पुल के पास रोका और तुलसीपुर मंडी से ला रहे एक लाख 37 हजार 760 रूपये चालक के पास से बरामद किया। यह पैसा गोंडा के आढती सगीर का था, जो बलरामपुर के तुलसीपुर के आढ़ती शकील को हरा मटर और हरा मिर्चा भेजा था। एडीएम ने मामले की सुनवाई 12 फरवरी कर दी।

केस नंबर दोः 26 जनवरी को मंडी से निकले आढ़ती उस्मान को मनकापुर बस स्टॉप पुल के पास पुलिस ने रोका और किसानों का एक लाख 70 हजार बरामद किया। यह रकम सीज कर दी गई। इस रकम को किसानों को देना था।

कई किसान मंडी से हुए दूर

इस बारे में मंडी से शेर मोहम्मद बताते हैं कि चेकिंग में आढ़ती के पकड़े जाने से बड़े किसान डर गये। इस संबंध में एसोसिएशन के महामंत्री शहजादे ने जिला निर्वाचन अधिकारी से मांग की है कि व्यापारी और किसान का पैसा पकड़े जाने पर संगठन के पदाधिकरी को जानकारी दी जाए और विधिवत जांच के बाद पैसा सीज किया जाए। इस कार्रवाई से मंडी मंदी हो गई और बाहर के किसान यहां आने से कतरा रहे हैं। पचास प्रतिशत किसान मंडी में नहीं आ रहे है।

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