अब बच्चों को राहत देगा एनसीईआरटी का ऑनलाइन कोर्स

Meenal TingalMeenal Tingal   17 Feb 2017 9:25 PM GMT

अब बच्चों को राहत देगा एनसीईआरटी का ऑनलाइन कोर्सकक्षा एक से 12 तक पढ़ने वाले लगभग एक लाख विद्यार्थियों को होगा फायदा।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। नेशनल काउन्सिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एण्ड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) का पूरा कोर्स अब ऑनलाइन होने से उन बच्चों और अभिभावकों की परेशानियां काफी हद तक कम हो जाएंगी, जिनको किताबें न मिल पाने के कारण कई दुकानों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने शैक्षिक सत्र 2017-18 से कक्षा एक से कक्षा 12 तक के कोर्स को ऑनलाइन करने की शुरुआत कर दी है। इससे कक्षा एक से 12 तक पढ़ने वाले लगभग एक लाख विद्यार्थियों को फायदा होगा। अभी तक कोर्स की कुछ ही किताबों को ऑनलाइन किया गया था, जिसे अब पूरी तरह से ऑनलाइन किया जायेगा।

सेंट क्लेअर्स कान्वेंट स्कूल में कक्षा 10 में पढ़ने वाली जबेरिया की माँ फरीदा सिद्दीकी कहती हैं “इससे बच्चों को तो काफी फायदा होगा, हम लोगों की भागदौड़ भी कम हो जायेगी। जब नया सत्र शुरू होता है तो किताबों की दुकानों पर बहुत भीड़ होती है। फिर दुकानदार नखरे दिखाते हैं, वह कहते हैं कि किताबें खत्म हो गयी हैं, किताबों की बुकिंग करवा दीजिये, मंगवा देंगे। इससे बच्चों का कोर्स तो छूटता ही है, साथ ही हम माता-पिता के लिए भी बहुत मुश्किलें हो जाती हैं।”

यह बहुत अच्छा है कि एनसीईआरटी की सभी किताबें अब बच्चों को ऑनलाइन उपलब्ध होगीं। किताबें न मिल पाने की स्थिति में बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे, ऐसे में उनका कोर्स नहीं छूटेगा और अभिभावकों को भी बार-बार दौड़ना नहीं पड़ेगा। दुकानदारों की मनमानी भी कम होगी।
अनिल अग्रवाल, निदेशक, सेंट जोसेफ स्कूल

सीबीएसई बोर्ड द्वारा यह निर्देश जारी किये गये हैं कि बोर्ड के स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें ही इस्तेमाल की जायें। इसके चलते अब पूरे कोर्स को ऑनलाइन किया जा रहा है। बोर्ड ने किताबों की कमी दूर करने के लिए स्कूलों से इस सम्बन्ध में निर्देश दिए हैं, जिससे नये शैक्षिक सत्र के लिए तैयारी की जा सके। इस बारे में खुशी जताते हुए आरएलबी विकासनगर में पढ़ रहे कक्षा 11 के छात्र कलश चन्द्रा कहते हैं “बहुत अच्छी बात है कि हम लोगों को सारा कोर्स ऑनलाइन मिल सकेगा। अब तो ज्यादातर बच्चों के पास मोबाइल होता है, इसका उपयोग हम लोग ज्यादा से ज्यादा पढ़ाई के लिए करेंगे।”

इस बारे में सीबीएसई बोर्ड के कोआडिनेटर जावेद आलम बताते हैं, “सीबीएसई ने अपनी वेबसाइट पर एक लिंक जारी किया है। इस लिंक के माध्यम से स्कूल किताबों के नाम और क्लास के अनुसार अपनी आवश्यकता बता सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह सभी बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए हितकर साबित होगा। किसी का कोर्स नहीं छूटेगा, किताब खोने की दिक्कत नहीं होगी। किसी भी जगह बिना किताब हुए भी पढ़ाई की जा सकेगी और अभिभावकों को भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।”

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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