पीलीभीत: स्वच्छ भारत मिशन को मजाक बनाकर रखा है शहर की गन्दगी ने

पीलीभीत: स्वच्छ भारत मिशन को मजाक बनाकर रखा है शहर की गन्दगी नेजगह-जगह देखने को मिल जायेंगे कूड़े के ढेर।

अनिल चौधरी, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

पीलीभीत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अथक प्रयासों के बावजूद भी स्वच्छ भारत मिशन को पूरी तरह से सफलता मिलती नज़र नहीं आ रही है। जनपद में मुख्य मार्गों पर निकलते ही चौराहों व तिराहों पर बड़े-बड़े कूड़े के ढेर नज़र आते हैं। जिनमें गाय, बैल, सूअर आदि जैसे जानवर घूमते रहते हैं, जो कचरे को सड़कों पर इधर-उधर फैलाते रहते हैं, जिससे आसपास गंदगी फैलती रहती है। इसी वजह से पिछले दिनों हुए स्वच्छ भारत सर्वे में पीलीभीत शहर को 374वां स्थान प्राप्त हुआ था।

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प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर को साफ-सुथरा बनाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। एक-एक सफाई कर्मी को दो शिफ्टों में लगाकर सफाई कार्यों को सुनिश्चित किया जा रहा है, लेकिन सफाई कर्मियों की बेहद कमी होने के कारण कहीं-कहीं प्रतिदिन सफाई नहीं भी हो पाती है। जल्दी ही नगर पालिका द्वारा इस समस्या का समाधान निकाला जाएगा और शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा।
प्रभात जायसवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद

मदीना शाह मोहल्ला निवासी अनिल कश्यप (35 वर्ष) का कहना है, “शहर की सफाई की जिम्मेदारी जिन लोगों के कंधों पर है वो पूरी ईमानदारी से अपने कार्यों को अंजाम नहीं दे रहे हैं। इसी कारण शहर के अधिकतर वार्डों में प्रतिदिन सफाई कार्य नहीं हो पाता है।” वहीं देश नगर निवासी मनोज कुमार (50 वर्ष) ने बताया, “हैरानी की बात तो यह है कि नगर पालिका पीलीभीत के पास कूड़ा डालने के लिए कोई स्थाई कूड़ाघर नहीं है। शहर में अस्थाई रूप से चौराहों और सड़कों के किनारे कूड़ा इकट्ठा किया जाता है, जिसको बाद में नगर पालिका अपने वाहनों द्वारा देवहा नदी के तटों पर डलवा देती है।”

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सिर्फ 195 सफाई कर्मी ही तैनात

नगर पालिका पीलीभीत क्षेत्र में 27 वार्ड आते हैं। इन वार्डों में सफाई की जो व्यवस्था 40 साल पहले बनाई गई थी उसी तरह आज भी वही व्यवस्था चल रही है। शहरी क्षेत्र में एक दिन में 90 से 100 टन कूड़ा निकलता है, जिसके निस्तारण में प्रतिमाह 40 से 45 लाख रुपए खर्च होते हैं। यहां सफाई कर्मियों के 340 पद हैं, लेकिन वर्तमान में सिर्फ 195 सफाईकर्मी ही तैनात हैं। यहां गंदगी का आलम यह है कि कूड़ा डालने का कोई स्थाई प्रबंध न होने के कारण शहर में जगह-जगह कूड़े व गंदगी के ढेर लगे देखे जा सकते हैं।

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