जच्चा-बच्चा की सेहत का डाटा सीधे दर्ज होगा पोर्टल पर

Deepanshu MishraDeepanshu Mishra   24 May 2017 8:46 AM GMT

जच्चा-बच्चा की सेहत का डाटा सीधे दर्ज होगा पोर्टल परगर्भवती महिलाओं और शिशुओं के स्वास्थ्य की जानकारी अब पलक झपकते ही ऑनलाइन होगी।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। गर्भवती महिलाओं और शिशुओं के स्वास्थ्य की जानकारी अब पलक झपकते ही ऑनलाइन होगी। स्वास्थ्य विभाग ने अनमोल एप्प के जरिए सारा ब्यौरा ऑनलाइन जुटाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

इसके लिए एएनएम को टैबलेट दिए जाएंगे, जिसके जरिए टेबलेट एएनएम को दिन भर में किए गए काम की जानकारी अनमोल एप्प की मदद से तत्काल आरसीएच (प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य) पोर्टल पर फीड करना होगी। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत विभाग ने इस प्रोजेक्ट का खाका तैयार कर शासन को मंजूरी के लिए भेज दिया है।

ऐसे में गाँव-गाँव जाकर गर्भवती महिलाओं और शिशुओं के लिए काम करने वाली एएनएम को अब रजिस्टर बनाने की मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी, क्योंकि अनमोल एप्प के जरिए संबंधित आंकड़े प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य पोर्टल पर तुरंत भेज सकेंगी। साथ ही इससे गर्भवती महिलाओं और शिशुओं के स्वास्थ्य आदि का ताजा ब्यौरा भी बस एक क्लिक पर अधिकारियों के सामने होगा।

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इसका लॉग इन पासवर्ड जिला मुख्यालय एवं लखनऊ कार्यालय के पास भी रहेगा। अधिकारी खुद लॉग इन पासवर्ड की मदद से मॉनिटरिंग के साथ ही समय-समय पर कार्यक्रम की समीक्षा भी करेंगे। हरदोई के भरावन की एएनएम नीलम शुक्ला बताती हैं, “अभी तक हमें डाटा इकट्ठा करने में बहुत समय लग जाता है, अगर हमें टैबलेट मिलेगा तो इतना काम नहीं पड़ेगा। अभी हमें इसकी जानकारी नहीं है।”

अनमोल ऐप के जरिए बच्चों के टीकाकरण का डाटा, गर्भवती महिलाओं का डाटा, कहां पर कितने प्रसव हुए हैं, सब आंकड़ें रखे जाएंगे। अपना अनमोल टैबलेट प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। दूसरे प्रदेशों में हमने इसे देखा है ये जरूर सफल होगा।
आलोक कुमार, निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, यूपी

एनएचएम और एनआरएचएम के तहत गाँव-गाँव गर्भवती महिलाओं और शिशुओं की सेहत की जानकारी जुटाने के अलावा टीकाकरण और उन्हें स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती रही हैं। इससे पहले एएनएम उप स्वास्थ्य केंद्रों के अधीन गाँवों में टीकाकरण और संस्थागत प्रसव कराने के अलावा गर्भवतियों और नवजातों का सर्वे करती हैं।

इसके बाद स्वास्थ्य केंद्र पर आकर रजिस्टर में जानकारी दर्ज करती आ रही हैं। ऐसे में जिला स्तर तक डाटा पहुंचने में ही काफी समय लग जाता है। एएनएम क्या काम कर रही है, इसका भी पता नहीं चल पाता। एक एएनएम पर 10-10 गाँव होने से रिपोर्टिंग में देरी होती रही है। इनकी मॉनिटरिंग की मुश्किलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अनमोल एप्प का सहारा लेगा।

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बीस ब्लॉकों में शुरू होने की उम्मीद

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के इस अनमोल एप्प से बच्चों के टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं के डाटा के अलावा कहां कितने प्रसव हुए आदि की जानकारी आसानी से जुटाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस प्रोजेक्ट को तैयार कर सरकार के पास भेज दिया गया है। मंजूरी मिलते ही शुरुआत में 20 ब्लॉकों में इसके शुरू होने की उम्मीद है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन इस प्रोजेक्ट के तहत कम से कम पांच जिलों में काम करने की कोशिश में है। उन्हें उम्मीद है कि दो महीने में इस पर काम शुरू हो जाएगा। अन्य प्रदेशों के अनुभवों को देखते हुए वे इसकी उत्तर प्रदेश में भी सफलता को लेकर आश्वस्त भी हैं।

मोबाइल एप्प पर इनका डाटा होगा फीड

  • नए दंपती का पंजीयन
  • नई गर्भवती महिला का पंजीयन
  • नए शिशु का पंजीयन करना
  • अपने उप स्वास्थ्य केंद्र के सभी ग्रामों का डाटा सिंक करना

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