#स्वयंफेस्टिवल : आगरा में बच्चा गुम हो तो तुरंत मिलाएं 100 नंबर

#स्वयंफेस्टिवल : आगरा में बच्चा गुम हो  तो तुरंत मिलाएं 100 नंबरआगरा में बिचपुरी ब्लाक में महिलाओं को 1090 सेवा की जानकारी देतीं यूपी पुलिस की अर्चना कटारा।

अंकित खंडेलवाल (कम्युनिटी जर्नलिस्ट)

स्वयं डेस्क

आगरा। आगरा में शुक्रवार की सुबह कुछ अलग थी। मौका था स्वयं फेस्टिवल का। पहले दिन 'एक पहल पाठशाला' में यूपी 100 के सत्र में बिचपुरी ब्लाक की महिलाओं को बताया गया कि अगर आप किसी भी दिक्कत में फंसें तो 100 नंबर पर फोन करें। 1098 पर डायल करने पर भी तुरंत मदद पहुंचेगी।

पुलिस 15 मिनट में मदद के लिए पहुंचेगी। यह सेवा हर तरह की मुशिकल में मदद पहुंचाने के लिए ही सपा सरकार ने शुरू की है। इसकी बुनियाद अमेरिका की 911 सेवा को देखकर रखी गई है।

यूपी पुलिस के सत्र में भाग लेतीं महिलाएं।

कार्यक्रम में यूपी पुलिस की तरफ से श्री अजय सिंह ने महिलाओं से सीधे संवाद में कहा कि अगर आपका बच्चा गुम हो जाए या किसी अन्य परेशानी में फंसे तो मदद के लिए तुरंत 100 नंबर डायल करें।

1090 के सत्र में यूपी पुलिस की श्रीमति अर्चना कटारा ने बताया कि कैसे वुमेन पावर लाइन महिलाओं को सशक्त करने का अधिकार बना है। उन्होंने बताया कि वुमेन पावर लाइन की जब शुरुआत हुई थी तब यूपी में महिलाओं और युवतियों से छेड़छाड़ की घटनाएं आम थीं लेकिन 1090 की सूचना मिलने के बाद त्वरित कार्रवाई करने की शैली ने यूपी में ऐसी घटनाओं पर नियंत्रण लगाने में खासी मदद की है।

अब महिलाएं सुरक्षित महसूस करती हैं। छेड़छाड़ या उत्पीड़न की घटना पर बेझिझक हमें फोन करती हैं और हम तत्काल उसका समाधान करते हैं। इसमें न सिर्फ उनकी पहचान गुप्त रखी जाती है बल्कि इन मामलों को बड़ी गोपनीयता से निपटाया जाता है।

आगरा के बिचपुरी ब्लाक में कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही प्रांगण खचाखच भर गया था।

यूपी 100 के फायदे

1. अगर जंगली जानवर मसलन बाघ, भेड़िया आदि हमला कर दे तो इस सेवा पर मदद मांगने पर पुलिस तुरंत पहुंचेगी।

2. सांप, बंदर या कुत्ते के काटने पर तक डायल 100 से मदद मिलेगी।

3. यही नहीं अगर किसी भी आपदा में फंसे हैं तब भी पुलिस आपकी मदद करेगी।

4. डायल 100 में चौपहिया के साथ-साथ दो पहिया वाहन भी हैं जो घटनास्थल पर सूचना मिलने के भीतर 15 से 20 मिनट में पहुंचेंगे।

5. इस सेवा के वाहनों को जीपीएस और रेडियो सेट से लैस किया गया है जो घटनास्थल पर तुरंत पहुंचाएंगे।

6. जैसे ही कोई सूचना डायल 100 तक पहुंचेगी तो वह तत्काल पास के पुलिस थाने, अस्प्ताल, पशु बचाव केंद्र और स्थानीय नागरिक संस्था से संपर्क साधेगा और उन्हें घटनास्थल पर बुलाएगा।

7. सड़क दुर्घटना के मामले में अगर कोई डायल 100 पर खबर देता है तो पुलिस तत्काल पीड़ित को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था भी करेगी।

8. अगर कोई जंगली जानवर किसी गाँव या कस्बे में घुस आता है तो डायल 100 के जवान उस इलाके को तब तक सुरक्षा प्रदान करेंगे जब तक वहां वन विभाग के अफसर या कोई अन्य मदद नहीं पहुंच जाती है।

9. डायल 100 के जवानों को हर तरह के संकट से निपटने में सक्षम हैं, चाहे जंगली जानवर से सुरक्षा की बात हो या किसी आपदा में बचाव कार्य।

10. अमेरिका में 911 सेवा की शुरुआत इसलिए की गई थी कि अगर कोई भी किसी भी प्रकार के संकट में फंसा है तो वह इस नंबर पर डायल कर मदद मांग सकता है। 911 सेवा का काल सेंटर इस सूचना को संबंधित विभाग से साझा करता है और घटनास्थल तक तुरंत मदद पहुंचती है।

11. डायल 100 में शहरों में सूचना मिलने से घटनास्थल तक पहुंचने की समय सीमा दोपहिया के लिए दस मिनट और चौपहिया के लिए 15 मिनट है। गाँव में चार पहिया के लिए रिस्पांड टाइम 20 मिनट है।

12. इस परियोजना पर 2325.35 करोड़ रुपए का खर्च आया है। लखनऊ में मुख्यायल तो आगरा, गाजियाबाद, झांसी और वाराणसी में सहकेंद्र बनाए गए हैं।

13. 3200 वाहन इस सेवा में लगे हैं। जिनमें 1600 बाइकें हैं।

14. डायल 100 पर सूचना फोन या संदेश दोनों माध्यम से दी जा सकती है।

वूमेन पावर लाइन-1090

उत्तर प्रदेश में महिला उत्पीड़न की घटनाओं को सख्ती से रोकने को प्रदेश सरकार ने वूमेन पॉवर लाइन 1090 की स्थापना की है | साल 2012 से यह सेवा निरन्तर कार्य कर रही है। महिला सशक्तीकरण की दिशा में वूमेन पॉवर लाइन ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

वूमेन पावर लाइन 1090 सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निमित्त वर्ष 2014 में “Women Security App 1090” सेवा भी प्रारम्भ की गई है। इस सेवा से महिलाओं व लड़कियों में सुरक्षा की भावना बलवती हुई है।

वूमेन पावर हेल्पलाइन नंबर 1090 की ताकत

एक राज्य, एक नंबर 1090 कोई भी पीड़ित महिला या उसकी महिला रिश्तेदार अपनी शिकायत इस नंबर पर नि:शुल्क दर्ज करवा सकती है। शिकायत करने वाली महिला की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। पीड़िता को किसी भी हालत में पुलिस थाने या किसी आफिस में नहीं बुलाया जाएगा। हेल्पलाइन में हर हाल में महिला पुलिस अधिकारी ही पीड़िता की शिकायत दर्ज करेगी। महिला पुलिस कर्मी अपने वरिष्ठ पुरूष पुलिस कर्मियों को पीड़ित की केवल उतनी ही जानकारी या सूचना उपलब्ध करवाएगी, जो विवेचना में सहायक हो सके। कॉल सेंटर दर्ज शिकायत पर तब तक काम करता रहेगा जब तक उस पर पूरी कार्रवाई नहीं हो जाती।

महिला सम्मान प्रकोष्ठ’’ का गठन

उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं, नाबालिग बच्चियों व मासूमों के साथ होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने और उनके आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करवाने के लिए पुलिस महकमे में महिला सेल को और ताकतवर बनाते हुए महिला सम्मान प्रकोष्ठ का गठन किया है। इस सेल को सुरक्षा के साथ महिलाओं से जुड़े अन्य मामलों जैसे भ्रूण हत्या, देहातों में शौचालयों की कमी जैसे सामाजिक मुद्दों पर कार्रवाई में भी मदद करनी थी।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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