खेती को आसान बना रहे सौर उपकरण 

खेती को आसान बना रहे सौर उपकरण अब कृषि कार्यों में भी सौर ऊर्जा के इस्तेमाल में बढ़ोत्तरी हो रही है।

प्रशांत श्रीवास्तव, स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

बहराइच। पारंपरिक ऊर्जा की निश्चित उत्पादन क्षमता और अधिक खपत के कारण कृषि में इसका प्रयोग काफी महंगा हो गया है। अब कृषि कार्यों में भी सौर ऊर्जा के इस्तेमाल में बढ़ोत्तरी हो रही है। कृषि या खेती के उपकरणों को चलाने के लिए सौर ऊर्जा जनित विद्युत का इस्तेमाल किया जाता है।

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बहराइच जिले के कृषि क्षेत्र में काम करने वाली अग्रणी संस्था देहात के प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर सुबोध प्रजापति सोलर वाटर पंप सिस्टम के बारे में बताते हैं, ‘’सौर ऊर्जा प्रणाली में एक सोलर पैनल, एक ऑन-ऑफ स्वीच, नियंत्रित और ट्रैकिंग प्रणाली और एक मोटर पंप होता है। यह प्रणाली सौर ऊर्जा को विद्युत धारा में परिवर्तित करने के लिए अनिवार्य तौर पर एसपीवी सेल का इस्तेमाल करती है। एसपीवी सेल की सारणी क्षमता विभिन्न जल स्त्रोतों के मुताबिक दो सौ वॉट से पांच किलो वॉट तक होती है।’’

सुबोध आगे बताते हैं, सोलर पंप के चुनाव के लिए प्रतिदिन पानी की जरूरत, जल स्त्रोत और उनकी भौगोलिक स्थिति जैसी आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए। इसका संचालन अन्य पंप प्रणाली जैसा नहीं होता है इसलिए सौर विकिरण की तीव्रता, स्थान, मौसम आदि के आधार पर अवधि और कितनी मात्रा में पानी खींचा जाना है, ये अलग हो सकता है। “एक हजार वॉट क्षमता वाला सोलर पंप 40,000 लीटर पानी प्रतिदिन के हिसाब से दो एकड़ भूमि की सिंचाई कर सकता है। एक हजार वॉट क्षमता की सोलर पंप पर डीजल पंप की तुलना में सालाना तकरीबन 45 हज़ार तक की बचत होती है।”

कृषि में आजकल सोलर ड्रायर का प्रयोग बढ़ रहा है। इसका इस्तेमाल करके अनाज को मंडी में भेजने से पहले सुखाया जाता है। इन ड्रायर में आमतौर पर ऊर्जा पैदा करने के लिए निष्क्रिय सौर पैनलों का उपयोग किया जाता है।
डॉ. आरके पांडेय, वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र , बहराइच

सोलर ड्रायर से मिलेगा खेती में लाभ

डॉ. आरके पांडेय ने बताया, बड़े सोलर ड्रायर में एक शेड बने होते हैं, जिसमें अनाज को सुखाने के लिए एक रैक और एक सोलर पैनल होता है। पंखे से जब शेड के जरिए गर्म हवा चलायी जाती है तब इस पर अनाज सूखते हैं।

सोलर ड्रायर के घरेलू इस्तेमाल के लिए छोटे सोलर ड्रायर पर सब्जी, फल, मसाले आदि जल्दी खराब होने वाले नम प्रसंस्कृत खाद्य सामग्री जैसे आलू चिप्स, पत्तियों वाली सब्जियां आदि बगैर गंदा किए सुखाए जा सकते हैं।

संचय के लिए एसपीवी सेल का प्रयोग

ठंडे मौसम में अतिरिक्त इन्सुलेशन के लिए इनमें सौर ऊर्जा के संचय के लिए एसपीवी सेल का इस्तेमाल किया जाता है। एक अन्य समाधान के तहत सालभर सब्जियों का उत्पादन बनाए रखने के लिए ऑफ सीजन के दौरान सौर ऊर्जा के जरिए गर्म किए गए पानी के टंकी का इस्तेमाल ऊष्मा के संचरण के लिए किया जाता है।

डॉ. आरके पांडेय बताते हैं, ‘’एसपीवी सेल से चलने वाले कूलिंग पंप ग्रीन हाउस के ऊपर या दोनों किनारे में से किसी एक जगह पर लगाया जा सकता है। ग्रीन हाउस में वेंटिलेशन (संवहन) भी आवश्यक है ताकि सोखने की प्रक्रिया के दौरान आद्रता को कम करने और बाहर से ताज़ी हवा को अंदर लाने की व्यवस्था हो। इस तरह की वेंटिलेशन(संवहन) व्यवस्था के लिए सौर ऊर्जा का इस्तेमाल किया जा सकता है।’’

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