आदिवासियों की कौन सुने ‘बिजली आती नहीं, सड़कें खराब हैं’

आदिवासियों की कौन सुने ‘बिजली आती नहीं, सड़कें खराब हैं’एक हजार की आबादी वाले आदिवासी बाहुल्य कर्री ग्राम में सड़कें खराब है, हैण्डपम्प सूखे हैं। 

भीम जायसवाल, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

दुद्धी (सोनभद्र)। दुद्धी ब्लाक क्षेत्र के गुलाल झरिया ग्राम पंचायत का आदिवासी बाहुल्य कर्री ग्राम में आज भी सैकड़ों ग्रामीण बिजली, पानी, सड़क जैसी मुलभूत सुविधाओं का अभाव है। एक हजार की आबादी वाले इस गाँव में सड़कें खराब है, हैण्डपम्प सूखे हैं। ऐसे में ग्रामीण आज भी इन समस्याओं के निदान के लिए परेशान हैं।

आज जहां शासन-प्रशासन गाँव में मुलभूत सुविधा होने का दावा करती हैं, उसकी जमीनी हक्कीक्त कुछ और है। इनमें दुद्धी विधान सभा क्षेत्र का कर्री ग्राम भी एक उदाहरण है और आज भी दर्जनों गाँव के हालात कर्री जैसे ही हैं। इस संबंध में ग्रामीण हीरा सिंह और रामसुंदर बताते हैं कि देश आज डिजिटल हो रहा है और गाँव अँधेरे में हैं। बिजली नहीं आती है। काफी समय से गाँव में कोई विकास नहीं हुआ।

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