युवाओं को नए सीएम से रोज़गार की आस

युवाओं को नए सीएम से रोज़गार की आसजनसंख्या के दृष्टिकोण से भारत का सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश है।

स्वयं प्रोजेक्ट टीम

लखनऊ। जनसंख्या के दृष्टिकोण से भारत का सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश है। जनसंख्या के अनुरूप नौकरी और व्यापार न होने के कारण यूपी में बेरोजगारी भी अन्य राज्यों की तुलना में काफी अधिक है। ऐसे में नई सरकार से युवाओं को रोजगार की काफी आस है।

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बाराबंकी जिले के ग्राम शाहपुर में इंटर में पढ़ने वाले छात्र विकास पाल (18 वर्ष) का कहना है, “हम सरकार से चाहते हैं कि सरकार युवाओं को रोजगार दे और कानून व्यवस्था को सुधारें। युवाओं को उनकी योग्यता अनुसार रोजगार के अवसर प्राप्त हो और कानून व्यवस्था सही रहे।” उन्नाव शहर के लोकनगर के निवासी नीरज अवस्थी (21 वर्ष) बताते हैं, “नई सरकार को चाहिए कि अब आरक्षण को समाप्त करे। आरक्षण से बाहर चल रहे ऐसे छात्रों की संख्या बहुत हैं जो नौकरी के लिए काबिल तो हैं पर उन्हें नौकरी नहीं मिल रही।”

युवाओं की राय

हम शिक्षित लड़कियों को भी हायर एजुकेशन में जगह मिले। साथ ही समाजकार्य विषय को डिग्री तथा इंटर कालेज स्तर में भी अनिवार्य रूप से चालू किया जाये। रेनू सिंह, शोध छात्रा, ग्रामोदय विश्वविद्यालय, चित्रकूट

छात्र इतनी महंगी पढ़ाई करके 10 से 15 हजार की नौकरी कर रहे हैं क्योंकि इंटरव्यू में घूस चल रही है। सरकार को निष्पक्ष तरीके से सरकारी भर्तियां करनी चाहिए।
विवेक शुक्ला, सिविल इंजीनियर, हरदोई

सरकार युवाओं के रोजगार के लिए नए आयाम लाये । साथ ही कानून व्यवस्था सख्त हो। छात्रों को उचित सुविधायें मुहैया कराए सरकार। साथ ही महिला सशक्तिकरण पर भी ध्यान दें। आदित्य अग्रहरि, छात्र, सुल्तानपुर

नौकरी पाने का मापदंड योग्यता होनी चाहिए न कि वोट बैंक। आज के समय में ये प्रक्रिया उल्टी चल रही है इसलिए इंजीनियरिंग, डॉक्टरी, मैनजेमेंट और पीएचडी के डिग्रीधारी बेरोजगार घूम रहे है और बीए पास लोग शिक्षामित्र बन चुके हैं। हेमंग कुमार, नंदनी नगर इंजीनियरिंग कॉलेज, बहराइच

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