‘हर महीने मिले पेंशन तो हमारा होगा भला’

‘हर महीने मिले पेंशन तो हमारा होगा भला’प्रदेश सरकार द्वारा कुष्ठ पीड़ितों के भरण-पोषण के लिए 2500 रुपए पेंशन के रूप में दिए जाते हैं, लेकिन हर महीने पैसे नहीं मिलने से कुष्ठ रोगियों में नाराज़गी है।

बसंत कुमार, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। प्रदेश सरकार द्वारा कुष्ठ पीड़ितों के भरण-पोषण के लिए 2500 रुपए पेंशन के रूप में दिए जाते हैं, लेकिन हर महीने पैसे नहीं मिलने से कुष्ठ रोगियों में नाराज़गी है। कुष्ठ रोगी कहते हैं कि उन्हें पैसा अगर हर महीने मिले तो हमारा कुछ भला हो।

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बता दें कि प्रदेश सरकार ने जनवरी 2016 को कुष्ठ रोगियों के भरण-पोषण के लिए दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान योजना की शुरुआत की थी। इसके अंतर्गत कुष्ठ रोग के कारण दिव्यांगता के शिकार हुए लोगों को 2500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दिया जाता है। आदर्श कुष्ठ आश्रम लखनऊ के सचिव कालू कुम्भकार बताते हैं कि ‘‘सरकार का यह फैसला हम लोगों के लिए काफी लाभदायक था। हम बेहद खुश थे, लेकिन हमें यह पैसा हर महीने नहीं मिल पाता है।’ कबाड़ी टोला के अमर सिंह का भी यही कहना है कि सरकार से हमें अगर पेंशन हर महीने मिले तो अच्छा रहेगा।

तो नहीं मांगनी पड़ेगी भीख

आदर्श कुष्ठ आश्रम के पवन कुमार और उनकी पत्नी दोनों कुष्ठ रोग से पीड़ित हैं। पवन बताते हैं कि समाज तो हमें अब स्वीकार नहीं करेगा। हमारी ज़िन्दगी भीख मांगने और दानियों के अहसान से चलती है। सरकार ने जब यह फैसला लिया तो हम बेहद खुश हुए कि चलो अब भीख तो नहीं मांगना पड़ेगी। बच्चों को पढ़ाने और कुछ कामों का खर्च सरकारी मदद से चल जायेगा, लेकिन सरकार का पैसे अन्तराल के बाद मिलता है। अगर समय पर हमें पैसा मिले तो हमें भीख मांगने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।

दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान योजना के तहत हमारे यहां 111 लोगों को इस योजना के तहत लाभ मिल रहा है। हम लगातार कोशिश कर ज्यादा से ज्यादा कुष्ठ पीड़ित लोगों को इस सुविधा का लाभ दे सकें।
राजेश कुमार, जिला दिव्यांग कल्याण अधिकारी, आजमगढ़

क्या कहते हैं अधिकारी

दिव्यांग जन विकास विभाग के संयुक्त निदेशक एके वर्मा बताते हैं कि ‘‘प्रदेश भर में इस योजना का लाभ लगभग 3500 लोगों को मिल रहा है। लोगों की शिकायत पर वह कहते हैं कि यह सरकार का नियम ही है कि तीन-तीन महीने के अन्तराल के बाद पैसे दिए जायेंगे, अगर किसी के पैसे नहीं गए तो उसमें कोई त्रुटि रही होगी। साल के आखिरी तिमाही का पैसा भी बहुत जल्द लाभार्थियों के खाते में चला जाएगा। पूरे भारत में सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही कुष्ठ रोगियों के लिए पेंशन का प्रावधान है।’’

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