अब जांच के बाद ही मंडियों में किसान बेच पाएंगे अपना कृषि उत्पाद

Devanshu Mani TiwariDevanshu Mani Tiwari   13 Jan 2017 11:15 PM GMT

अब जांच के बाद ही मंडियों में किसान बेच पाएंगे अपना कृषि उत्पाददेश भर की मंडियों में बनेगी खाद्य सुरक्षा इकाई।

सुल्तानपुर। अब किसान गुणवत्ता जांच के बाद ही अपना उत्पाद मंडी में बेच पाएंगे। मंडियों में अपना सामान बेचने के पहले खाद्य सुरक्षा अधिकारी से उसे पास कराना होगा।

सुल्तानपुर मंडी समिति के कार्यालय में शुक्रवार सुबह से ही किसानों की भीड़ इकट्ठा होना शुरू हो गई थी क्योंकि लाइसेंस होते हुए भी मंडी में किसानों द्वारा लाई गई आवक को नहीं लिया जा रहा था। सुल्तानपुर जिले की नवीन गल्ला मंडी में अपनी 15 क्विंटल धान की फसल पिकअप पर लादे हुए किसान दीन दयाल मौर्य ने बताया, “हमारे पास मंडी लाइसेंस है फिर भी माल नहीं लिया जा रहा है। सचिव कह रहे हैं, जब तक खाद्य सुरक्षा अधिकारी से माल की जांच नहीं होगी, माल मंडी में नहीं लिया जाएगा।” दीनदयाल की तरह ही देश के लाखों किसान व छोटे खाद्य व्यवसायियों को अब मंडियों में अपना सामान बेचने के पहले खाद्य सुरक्षा अधिकारी से उसे पास कराना होगा।

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिकार (fssai) के खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के तहत अब मंडियों में लाए गए हर खाद्य की उच्च गुणवत्ता बनाए रखने के लिए किसानों को अपने माल की जांच खाद्य सुरक्षा अधिकारी से करवानी होगी। तभी वो अपने माल को मंडी में बेच सकेंगे।

इस नई प्रक्रिया के बारे में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिकार (FSSAI) के संयुक्त निदेशक डीपी गूहा ने गाँव कनेक्शन को बताया, “देश भर की मंडियों में अब खाद्य सुरक्षा इकाई बनाई जाएगी, जिनमें किसानों द्वारा लाई गई आवक को जांचा जाएगा। अगर मंडी में लाई गई आवक मानकों को पूरा करती है। तभी उसे आगे मंडी में प्रवेश की अनुमति मिलेगी।” गूहा ने आगे बताया कि कृषि मंडियों में लाई गई आवक में गुणवत्ता सही रखने के लिए हमने यह कदम उठाया है। इस सुविधा से ना केवल मंडी में अच्छा सामान आएगा बल्कि किसानों को उनके अच्छे सामान का बढ़िया दाम भी मिल पाएगा।

सरकार ने यह कदम मुख्य रूप से मंडियों में अनाज, फल और सब्जियों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए उठाया है। इस प्रक्रिया के तहत बड़े कृषि व्यापारियों के अलावा छोटे किसान भी आएंगे। “कृषि मंडियों में हर दिन लाखों की फल सब्जियों का व्यापार होता है। कई बार ख़राब सामान के आ जाने से समिति के साथ साथ व्यापारियों व्यापारियों को भी नुकसान झेलना पड़ता है। अगर भेजे हुए माल की जांच पहले से ही सुरक्षा अधिकारी कर लेगा तो मंडी में अच्छी क्वालिटी का सामान ही आएगा।” गुहा ने आगे बताया।

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिकार के इस फैसले को सराहते हुए सुल्तानपुर जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिनेश शुक्ला ने बताया कि अभी तक मंडी मैं लाइसेंस के आधार पर लोगों से उनका माल लिया जाता है। इसमें कभी कभार खराब सामान भी आ जाता है। अब जांच के बाद मंडियों तक सामान जाएगा तो वह खराब भी कम होगा और जल्दी बिकेगा।

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top